माँ को जीवन की पहली गुरु कहा जाता है, क्योंकि वही हमें चलना, बोलना, समझना और सही-गलत की पहचान करना सिखाती है। उसकी ममता बिना किसी स्वार्थ के होती है, जो हर परिस्थिति में अपने बच्चों के साथ खड़ी रहती है। चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न हों, माँ का प्यार कभी कम नहीं होता।
मदर्स डे मनाने की शुरुआत आधुनिक समय में एक सामाजिक पहल के रूप में हुई, जिसका उद्देश्य मातृत्व के महत्व को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना था। धीरे-धीरे यह दिन दुनिया के कई देशों में मनाया जाने लगा और आज यह एक अंतरराष्ट्रीय उत्सव बन चुका है।
इस दिन लोग अपनी माताओं को उपहार देते हैं, उनके साथ समय बिताते हैं और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं। कई स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संस्थाएं भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करती हैं, जिसमें माँ के योगदान को सम्मानित किया जाता है।
माँ का रिश्ता शब्दों से परे होता है। वह हर दर्द को छुपाकर भी मुस्कुराना सिखाती है और अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपने सपनों का त्याग कर देती है। इसलिए मदर्स डे हमें यह याद दिलाता है कि माँ का सम्मान केवल एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन किया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर मदर्स डे हमें यह संदेश देता है कि जीवन में चाहे कितनी भी सफलता मिल जाए, माँ का स्थान हमेशा सबसे ऊपर रहता है। उसकी ममता ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत और सबसे खूबसूरत आशीर्वाद है।
-10 मई मदर्स डे विशेष
