लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि 2 लीटर पानी रोजाना पीना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन रिसर्च बताती है कि यह सिर्फ एक औसत गाइडलाइन है, कोई सख्त नियम नहीं। शरीर की जरूरत कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति। यानी हर इंसान के लिए पानी की मात्रा अलग हो सकती है और इसे एक तय नियम की तरह नहीं अपनाया जा सकता।
रिसर्च में क्या सामने आया?
यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन सहित कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में यह पाया गया कि:
23 देशों के हजारों लोगों पर किए गए अध्ययन में 2 लीटर का नियम सभी पर लागू नहीं पाया गया
गर्म और आर्द्र (humid) क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अधिक पानी की आवश्यकता होती है
जो लोग ज्यादा शारीरिक गतिविधि करते हैं, उन्हें भी अधिक पानी पीना चाहिए
उम्र बढ़ने के साथ पानी की जरूरत धीरे-धीरे कम हो सकती है
इसका मतलब साफ है कि शरीर की जरूरत परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती है।
डॉक्टरों की सामान्य सलाह
ब्रिटिश हेल्थ गाइडलाइंस के अनुसार एक सामान्य वयस्क के लिए:
रोजाना लगभग 6 से 8 गिलास पानी (1.5 से 2 लीटर) पर्याप्त माना जा सकता है
लेकिन इसे “फिक्स नियम” नहीं कहा जा सकता
डॉक्टर भी यही सलाह देते हैं कि पानी की मात्रा शरीर की जरूरत के अनुसार तय करनी चाहिए।
किन लोगों को ज्यादा पानी की जरूरत होती है?
कुछ लोगों को सामान्य से ज्यादा पानी पीने की आवश्यकता होती है:
जो लोग ज्यादा एक्सरसाइज या मेहनत करते हैं
गर्म और सूखे मौसम में रहने वाले लोग
गर्भवती महिलाएं
स्तनपान कराने वाली महिलाएं
भारी शारीरिक काम करने वाले लोग
इन सभी परिस्थितियों में शरीर तेजी से पानी खोता है, इसलिए अधिक पानी जरूरी हो जाता है।
पानी कम या ज्यादा होने का असर
कम पानी पीने के नुकसान:
डिहाइड्रेशन
सिर दर्द और थकान
किडनी पर दबाव
शरीर में कमजोरी
ज्यादा पानी पीने के नुकसान:
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन
कमजोरी और चक्कर
शरीर में मिनरल्स का संतुलन बिगड़ना
