विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस मुलाकात में भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। खास तौर पर ऊर्जा सुरक्षा इस दौरे का प्रमुख एजेंडा है, जिसमें LPG, LNG सप्लाई और स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से जुड़े समझौतों पर बात होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कुछ अहम डील्स पर सहमति बन सकती है।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और UAE के बीच LPG और स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को लेकर दो महत्वपूर्ण समझौते होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, तेल और गैस आपूर्ति को दीर्घकालिक आधार पर सुरक्षित करने पर भी चर्चा हो सकती है।
UAE की ऊर्जा नीति भी इस समय बदलाव के दौर में है। हाल ही में UAE ने OPEC से अलग होने की घोषणा की है और 2027 तक अपना कच्चा तेल उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में भारत और UAE के बीच ऊर्जा सहयोग और भी मजबूत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति भारत के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकती है।
पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने ANI से बातचीत में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पीएम मोदी का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है और यह भारत की कूटनीतिक सक्रियता का मजबूत संकेत भी है। उनका कहना है कि यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई दे सकती है।
विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल ऊर्जा सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को भी नई गति देना है। भारत और UAE के बीच पहले से ही व्यापक रणनीतिक साझेदारी मौजूद है, जिसे इस दौरे से और आगे बढ़ाने की योजना है।
भारत और UAE के बीच व्यापारिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है। भारत से UAE को पेट्रोलियम प्रोडक्ट, जेम्स एंड ज्वेलरी, मेटल, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी, फूड आइटम और केमिकल्स जैसे उत्पादों का निर्यात किया जाता है।
साल 2022-23 में भारत ने UAE से लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का आयात किया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन अभी भी आयात की ओर झुका हुआ है। हालांकि, लगातार बढ़ते सहयोग और नए समझौतों से इस अंतर को कम करने की कोशिश की जा रही है।
UAE के राष्ट्रपति अल नाहयान इससे पहले जनवरी में भारत के 105 मिनट के दौरे पर आए थे, जहां पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया था। उस दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड और डिफेंस समेत नौ अहम समझौते हुए थे।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी का यह UAE दौरा भारत की ऊर्जा सुरक्षा, व्यापारिक विस्तार और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों के संबंध और अधिक गहरे होने की उम्मीद है।
