मध्य प्रदेश में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बाद प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। नई दरें आज सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं, जिससे परिवहन और रोजमर्रा की लागत पर सीधा असर देखने को मिल रहा है।
राजधानी भोपाल में पेट्रोल का दाम बढ़कर ₹109.71 प्रति लीटर और डीजल ₹94.88 प्रति लीटर हो गया है। वहीं इंदौर में पेट्रोल ₹109.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.06 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसी तरह उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में भी ईंधन के दाम बढ़े हैं।
सबसे महंगा पेट्रोल मंडला और पांढुर्णा में दर्ज किया गया है, जहां कीमत ₹111.29 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इसके अलावा कई जिलों में भी पेट्रोल ₹111 के आसपास बिक रहा है, जबकि डीजल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं।
तेल कीमतों में यह उछाल वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इसी दबाव के कारण तेल कंपनियों ने घरेलू स्तर पर कीमतों में संशोधन किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी शुरुआती है और अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले समय में और इजाफा हो सकता है। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां समय-समय पर टैक्स और सब्सिडी के जरिए कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश करती रही हैं।
देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लंबे समय से स्थिर थीं, लेकिन वैश्विक घटनाओं के चलते अब इसमें बदलाव देखने को मिल रहा है। इससे ट्रांसपोर्ट, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री की हालिया अपील में भी पेट्रोलियम उत्पादों के संयमित उपयोग की बात कही गई थी, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और विदेशी मुद्रा की बचत की जा सके।
कुल मिलाकर ईंधन की बढ़ती कीमतें आम लोगों के बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं और आने वाले दिनों में महंगाई की रफ्तार और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
