एक इंटरव्यू में श्मिट ने कहा कि पहले इंजीनियर एक-एक लाइन लिखकर कोड तैयार करते थे, लेकिन अब AI टूल्स ने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। उनके मुताबिक, AI की मदद से कम समय में ज्यादा जटिल और शक्तिशाली सॉफ्टवेयर बनाए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जब वे युवा थे तब हाथों से कोडिंग करना सबसे बड़ी स्किल मानी जाती थी, लेकिन आज AI सिस्टम इतनी तेजी से कोड जनरेट कर रहे हैं कि टेक इंडस्ट्री की कार्यशैली ही बदल गई है।
श्मिट ने कंपनियों और मैनेजर्स को सलाह दी कि वे अपनी इंजीनियरिंग टीमों से पूछें कि वे अभी भी पुराने तरीके से कोडिंग क्यों कर रही हैं, जबकि AI उत्पादकता को कई गुना बढ़ा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में एक अकेला डेवलपर भी AI की मदद से ऐसे ऐप बना सकेगा, जिनके लिए पहले पूरी टीम की जरूरत पड़ती थी।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि AI डेवलपर्स की भूमिका खत्म नहीं करेगा, बल्कि उनकी कार्यशैली और जरूरी स्किल्स को बदल देगा। अब इंजीनियरों के लिए AI टूल्स के साथ काम करना नई जरूरत बनता जा रहा है। पूर्व Google CEO एरिक श्मिट ने कहा कि AI ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया तेजी से बदल दी है और पारंपरिक तरीके से कोडिंग करने वाले इंजीनियर पीछे छूट रहे हैं। उनके मुताबिक, आने वाले समय में AI की मदद से कम लोग भी बड़े और जटिल सॉफ्टवेयर तैयार कर सकेंगे।
