विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी वायर पर उसकी क्षमता से ज्यादा लोड पड़ता है तो वह धीरे-धीरे गर्म होने लगती है। लगातार गर्मी बढ़ने से तार की इंसुलेशन (बाहरी परत) पिघल सकती है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने की संभावना बढ़ जाती है।
सबसे बड़ी समस्या तब होती है जब घरों में घटिया क्वालिटी की लोकल वायरिंग या सस्ता इलेक्ट्रिकल सामान लगाया जाता है। ऐसे वायर जल्दी गर्म होते हैं और इनमें स्पार्किंग की समस्या भी देखने को मिलती है।
इसके अलावा पुरानी वायरिंग, गलत लोड मैनेजमेंट और समय-समय पर मेंटेनेंस न कराना भी आग लगने के प्रमुख कारण माने जाते हैं। कई बार दीवारों के अंदर खराब हो रही वायरिंग का पता भी नहीं चलता और यही आगे चलकर बड़ा खतरा बन जाती है।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर की वायरिंग की समय-समय पर जांच कराना और जरूरत पड़ने पर उसे अपग्रेड करना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
