महेश भट्ट की बेटी और अभिनेत्री पूजा भट्ट ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में परवीन बाबी के आखिरी दिनों को याद करते हुए कहा कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं। पूजा ने बताया कि उन्हें आज भी वह समय याद है जब परवीन बाबी को यह डर सताने लगा था कि अमिताभ बच्चन उन्हें मारना चाहते हैं।
पूजा भट्ट ने पत्रकार विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में कहा कि जब परवीन बाबी विदेश से लौटकर आई थीं तब वह स्टारडस्ट मैगजीन के ऑफिस में बैठकर लगातार जेरॉक्स मशीन का इस्तेमाल कर रही थीं और अमिताभ बच्चन के खिलाफ इंटरव्यू दे रही थीं। पूजा के मुताबिक परवीन बाबी को लगता था कि अमिताभ बच्चन अभी भी उनकी हत्या करना चाहते हैं।
इतना ही नहीं पूजा ने यह भी खुलासा किया कि परवीन बाबी खाने-पीने की चीजों को लेकर बेहद डरी हुई रहती थीं। उन्हें शक था कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग उनके खाने में जहर मिला रहे हैं। यही वजह थी कि वह सिर्फ अंडे खाती थीं क्योंकि उन्हें वही सुरक्षित लगता था।
हालांकि पूजा भट्ट ने यह भी साफ कहा कि वह डॉक्टर नहीं हैं इसलिए किसी बीमारी को लेकर दावा नहीं कर सकतीं लेकिन इतना जरूर था कि परवीन बाबी मानसिक रूप से ठीक नहीं थीं। बाद में जांच में सामने आया था कि वह सिजोफ्रेनिया जैसी मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं।
परवीन बाबी और अमिताभ बच्चन ने साथ में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया था जिनमें दीवार अमर अकबर एंथोनी काला पत्थर शान और नमक हलाल जैसी फिल्में शामिल हैं। दोनों की ऑनस्क्रीन जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। एक समय उनके अफेयर की अफवाहें भी उड़ी थीं लेकिन दोनों कलाकारों ने इन खबरों को कभी स्वीकार नहीं किया।
1980 के दशक में परवीन बाबी ने अमिताभ बच्चन के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि अमिताभ बच्चन एक अंतरराष्ट्रीय गैंग का हिस्सा हैं और उनका अपहरण कर उनके कान में माइक्रोचिप लगाने की कोशिश की गई है। हालांकि जांच के दौरान अमिताभ बच्चन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।
पूजा भट्ट ने परवीन बाबी के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि वह बेहद खूबसूरत और दिलदार इंसान थीं। पूजा ने बताया कि जब उनके पिता महेश भट्ट उन्हें परवीन बाबी के घर लेकर जाते थे तब वह हमेशा उन्हें प्यार से मिलती थीं और गिफ्ट दिया करती थीं। पूजा आज भी वह परफ्यूम नहीं भूल पाईं जो परवीन बाबी ने उन्हें दिया था।
जनवरी 2005 में परवीन बाबी का निधन हो गया था। वह सिर्फ 50 साल की थीं। उनकी मौत ने पूरे फिल्म जगत को झकझोर दिया था। बताया जाता है कि उनका शव कई दिनों तक मुंबई के कूपर अस्पताल के मुर्दाघर में लावारिस पड़ा रहा था। बाद में महेश भट्ट आगे आए और उन्होंने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई।
परवीन बाबी की कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे दर्दनाक कहानियों में गिनी जाती है जहां शोहरत के पीछे छिपा अकेलापन और मानसिक संघर्ष साफ दिखाई देता है।
