जानकारी के मुताबिक घायल की पहचान रामउजागर प्रजापति (45) निवासी इटमा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह किसी काम से नदी किनारे गए थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे नदी के गहरे हिस्से में जा गिरे। वहां मौजूद लोहे की सरिया उनके पैर में घुस गई, जिससे वह दर्द से तड़पते हुए पानी के बीच फंस गए।
घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचते ही हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। टीम का नेतृत्व उपनिरीक्षक विकास कुमार पाण्डेय कर रहे थे।
हालांकि, एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए रेस्क्यू शुरू कर दिया। लोगों ने रस्सियों के सहारे नदी में उतरकर घायल तक पहुंच बनाई और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घायल को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि समय रहते रेस्क्यू हो जाने से बड़ा हादसा टल गया। वहीं, स्थानीय लोगों की बहादुरी और तत्परता की इलाके में जमकर सराहना हो रही है।
