नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 06 जून,2026(हिन्द संतरी ) म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, भोपाल द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना एवं टंटया मामा आर्थिक कल्याण योजना के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। लक्ष्यों की पूर्ति के लिए नर्मदापुरम जिले के पात्र अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन http://www.samast.mponline.gov.in पोर्टल पर किए जा सकेंगे।
सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग नर्मदापुरम ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को कम ब्याज दर पर ऋण देकर नवीन उद्यम स्थापना में मदद करना है। उक्त योजना के लिए आवेदक की शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण एवं आयु सीमा 18 से 45 वर्ष के मध्य होना अनिवार्य है। उक्त योजना के तहत हितग्राही को उद्योग/विनिर्माण इकाई के लिए 1 लाख से 50 लाख रुपये तक की परियोजनाए तथा सेवा इकाई एवं खुदरा व्यवसाय के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपये तक की परियोजनाओं की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजनान्तर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को बैंक द्वारा वितरित / शेष (Outstanding) ऋण (Term Loan & Working Capital Loan) पर प्रतिवर्ष 5% अथवा वास्तविक, (जो भी कम हो) की दर से व्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षो तक (मोरेटोरियम अवधि सहित), नियमित रूप से ऋण भुगतान (निर्धारित समय एवं राशि की शर्त पर निगम द्वारा दिया जायेगा।
इसी प्रकार टंटया मामा आर्थिक कल्याण योजना का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को स्वरोजगार हेतु कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराना है। 18 से 55 वर्ष के मध्य आयु के हितग्राही उक्त योजना के लिए पात्र होंगे। योजनांनर्त्गत सभी प्रकार के स्वरोजगार के लिए 10 हजार से 1 लाख रुपये तक की परियोजनाएं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजनान्तर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को बैंक द्वारा वितरित / शेष (Outstanding) ऋण (Term Loan & Working Capital Loan) पर 7% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान अधिकतम 5 वर्षों तक (मोरेटोरियम अवधि सहित), नियमित रूप से ऋण भुगतान (निर्धारित समय एवं राशि) की शर्त पर निगम द्वारा दिया जायेगा। गारंटी फीस म.प्र. शासन द्वारा देय होगी।
दोनों योजनाओं के लिए मुख्य पात्रता शर्तें अनुसार आवेदक मध्यप्रदेश का मूल निवासी एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य हो, किसी भी बैंक/वित्तीय संस्था का डिफाल्टर न हो, किसी अन्य शासकीय उद्यमी/स्वरोजगार योजना का लाभ न ले रहा हो, योजना का लाभ एक बार ही मिलेगा एवं उद्यम मध्यप्रदेश सीमा के अंदर स्थापित होना चाहिए।
योजनाओं की नोडल एजेंसी प्रबंध संचालक, म.प्र. आदिवासी वित्त एवं विकास निगम भोपाल है। जिला स्तर पर सहायक आयुक्त/जिला संयोजक/शाखा प्रबंधक, आदिवासी वित्त विकास विभाग नर्मदापुरम द्वारा संचालन किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए जनजाति कार्य विभाग, रेवा भवन के सामने, प्रथम तल, कलेक्ट्रेट परिसर नर्मदापुरम में संपर्क कर सकते हैं।
