इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) उज्जैन ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली सीएमएचओ कार्यालय और चरक अस्पताल परिसर से शुरू होकर चामुंडा माता चौराहे तक निकाली गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे।
रैली के साथ ही एक विशेष जागरूकता रथ भी रवाना किया गया, जो जिले के विभिन्न विकासखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के उपाय बताएगा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की मदद से पंपलेट वितरण भी किया जाएगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बनता है। साथ ही मच्छरदानी के उपयोग, साफ-सफाई और बुखार होने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, उज्जैन शहर में पिछले पांच महीनों में मलेरिया का कोई भी नया मरीज सामने नहीं आया है, जो राहत की बात है। हालांकि विभाग ने सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया है।
डॉ. प्रशांत तिवारी ने जानकारी दी कि जागरूकता रथ पूरे जिले की सभी तहसीलों में पहुंचेगा और लोगों को लगातार जागरूक करेगा। इसके साथ ही फीवर सर्विलेंस अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत बुखार के मरीजों की जांच कर तुरंत इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान पूरे महीने चलेगा, जबकि मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों को लेकर जागरूकता गतिविधियां पूरे वर्ष जारी रहेंगी।
