नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 09,जून,2026 (हिन्द संतरी ) मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में शामिल संत रविदास स्वरोजगार योजना आज युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बन रही है। म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित भोपाल के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित, नर्मदापुरम द्वारा यह योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया समस्त पोर्टल के माध्यम से की जाती है।
इसी योजना का लाभ लेकर इटारसी निवासी श्री सचिन विनेखिया ने स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सफलता की नई मिसाल पेश की है। श्री सचिन विनेखिया पिता श्री रमेश विनेखिया एवं माता श्रीमती राजकुमारी विनेखिया निवासी रामनगर न्यूयार्ड इटारसी, जिला नर्मदापुरम के रहने वाले हैं। उन्होंने बी.ए. तक शिक्षा प्राप्त की है। नौकरी की तलाश के दौरान उन्होंने स्वयं का रोजगार प्रारंभ करने का निर्णय लिया।
वर्ष 2025-26 में श्री सचिन विनेखिया ने जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कार्यालय में संपर्क कर संत रविदास स्वरोजगार योजना की जानकारी प्राप्त की। कार्यालय द्वारा उन्हें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों संबंधी जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने आवश्यक दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन पत्र एवं दस्तावेजों की जांच उपरांत उनका प्रकरण बैंक ऑफ इंडिया शाखा इटारसी को प्रेषित किया गया।
बैंक द्वारा आवेदन एवं दस्तावेजों की जांच के बाद श्री सचिन विनेखिया को 4 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर वितरित किया गया। ऋण प्राप्त होने के पश्चात उन्होंने रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय प्रारंभ किया। उन्होंने अपने व्यवसाय में जींस, टी-शर्ट, पेंट-शर्ट, लोअर, कैपरी सहित विभिन्न प्रकार के रेडीमेड वस्त्र रखकर स्थानीय बाजारों एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्टॉल लगाकर विक्रय कार्य शुरू किया। धीरे-धीरे उनके व्यवसाय में उन्नति होने लगी और वे नियमित आय अर्जित कर अपने परिवार का बेहतर तरीके से भरण-पोषण करने लगे। व्यवसाय से प्राप्त आय एवं बचत से उन्होंने एक वेन भी खरीद ली, जिसके माध्यम से अब वे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बाजार के दिनों में सड़क किनारे स्टॉल लगाकर कपड़ों का विक्रय करते हैं।
श्री सचिन विनेखिया ने बताया कि योजना के माध्यम से स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर वे अत्यंत खुश हैं। वे नियमित रूप से बैंक की किश्त जमा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे अपने मित्रों एवं रिश्तेदारों को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वर्तमान में उन्होंने अपने व्यवसाय में दो बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। संत रविदास स्वरोजगार योजना न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि रोजगार सृजन एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
