मेट्रो परियोजना के तहत सुपर कॉरिडोर के लगभग 5.9 किलोमीटर लंबे हिस्से में संचालन की तैयारियां काफी पहले पूरी होने का दावा किया गया था। इसके बावजूद मेट्रो अभी तक ट्रायल और सीमित संचालन के दायरे से बाहर नहीं निकल पाई है। कमर्शियल रन शुरू नहीं होने के कारण यात्रियों को अभी भी मेट्रो सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) द्वारा कमर्शियल रन के लिए दी गई मंजूरी की वैधता 24 जून को समाप्त हो रही है। मेट्रो अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस तारीख तक नियमित यात्री सेवा शुरू कर पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। यदि ऐसा होता है तो मेट्रो प्रबंधन को पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ेगी।
सूत्रों के अनुसार, मंजूरी की अवधि समाप्त होने के बाद सीएमआरएस से दोबारा निरीक्षण कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए नए सिरे से आवेदन, दस्तावेजी प्रक्रिया और तकनीकी परीक्षणों की आवश्यकता पड़ेगी। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। ऐसे में कमर्शियल रन की शुरुआत जुलाई या उससे आगे तक खिसकने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने भी स्वीकार किया है कि कमर्शियल रन की नई तारीख अभी निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि 24 जून से पहले सीएमआरएस को दोबारा निरीक्षण के लिए पत्र भेजा जाएगा। निरीक्षण और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद ही यात्री सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।
गौरतलब है कि पहले केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के हाथों 18 जून को कमर्शियल रन का शुभारंभ प्रस्तावित था। कार्यक्रम की तैयारियां भी लगभग पूरी कर ली गई थीं, लेकिन राज्यसभा चुनाव की व्यस्तताओं के कारण यह आयोजन स्थगित कर दिया गया। इसके बाद उम्मीद थी कि 20 जून को केंद्रीय मंत्री के इंदौर दौरे के दौरान मेट्रो को हरी झंडी मिल सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई कार्यक्रम तय नहीं किया गया है।
बार-बार टल रहे कमर्शियल रन ने शहरवासियों की उत्सुकता को निराशा में बदलना शुरू कर दिया है। इंदौर देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है और यहां मेट्रो को शहरी परिवहन की बड़ी जरूरत माना जा रहा है। ऐसे में परियोजना के संचालन में लगातार हो रही देरी कई सवाल खड़े कर रही है।
हालांकि मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही सेवा शुरू की जाएगी। लेकिन फिलहाल इतना तय है कि इंदौरवासियों को मेट्रो की पहली नियमित सवारी के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ेगा।
