नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 21 जून,2026(हिन्द संतरी ) विश्व पर्यावरण दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मध्य संचालित कृषि आधारित विशेष अभियान के अंतर्गत कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र, पवारखेड़ा में जिला स्तरीय द्वितीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग एवं सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें नर्मदापुरम, माखननगर, सिवनीमालवा एवं केसला विकासखंड के 300 से अधिक किसान भाई-बहनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में विधायक नर्मदापुरम एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नरोलिया तथा विधायक सोहागपुर श्री विजयपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने अपने उद्बोधन में प्राकृतिक खेती की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों से पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संरक्षण के लिए इसे अपनाने का आह्वान किया। राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नरोलिया ने किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होने की सलाह देते हुए कहा कि यह खेती भविष्य की आवश्यकता है। विधायक सोहागपुर विजयपाल सिंह ने रासायनिक खेती के दुष्परिणामों एवं इससे बढ़ रही गंभीर बीमारियों पर चिंता व्यक्त करते हुए अपने प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा किए तथा किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उपसंचालक कृषि डॉ. रविकांत सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से लागत में कमी, मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण तथा गुणवत्तायुक्त कृषि उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से उत्पन्न चुनौतियों के समाधान के लिए प्राकृतिक खेती एक प्रभावी विकल्प है। कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिक डॉ. के.के. मिश्रा ने जैविक एवं प्राकृतिक पौध संरक्षण की तकनीकों की जानकारी दी। डॉ. विनोद कुमार ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. राजेंद्र पटेल ने बायो रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल की जानकारी देते हुए बताया कि जैव उत्पाद केंद्रों के माध्यम से किसानों को जैविक आदानों की उपलब्धता, प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डॉ. देवीदास पटेल ने जीवामृत, घनजीवामृत, दशपर्णी अर्क एवं नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक कृषि आदानों की उपयोगिता एवं निर्माण विधि बताई।
उप परियोजना संचालक “आत्मा” श्री गोविंद मीना ने अतिथियों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन एवं विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। श्री सुरेश पटेल ने जिले को प्राकृतिक खेती में अग्रणी बनाने के लिए किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। जनप्रतिनिधि श्रीमती प्रीति शुक्ला ने भी किसानों को वर्तमान कृषि पद्धति में सकारात्मक परिवर्तन लाकर प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्राकृतिक खेती के प्रति उत्साह दिखाते हुए विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर जानकारी प्राप्त की। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। जिले के सफल प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को मंच पर आमंत्रित कर जनप्रतिनिधियों द्वारा सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्रीमती सविता दीवान शर्मा, सहायक संचालक चेतन मातीखाये, प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख श्री ब्रजेश कुमार नामदेव सहित कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, जन अभियान परिषद, राज्य आजीविका मिशन तथा विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में उप परियोजना संचालक श्री गोविंद मीना ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
