मध्य प्रदेश: के इंदौर जिले में एक प्रॉपर्टी कारोबारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में आर्थिक संकट और करोड़ों रुपये के कर्ज के दबाव को घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पुलिस को घटनास्थल से एक विस्तृत सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें कारोबारी ने अपनी आर्थिक परेशानियों का उल्लेख करते हुए परिवार के किसी सदस्य को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराने की बात लिखी है। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 45 वर्षीय बहादुर सिंह परिहार के रूप में हुई है, जो इंदौर के खुडैल क्षेत्र के ग्राम शिवनी के निवासी थे और प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े थे। उनका शव पिपलादा स्थित हनुमान मंदिर के पीछे एक कुएं के पास मिला। शुरुआती जांच में यह मामला कथित आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी हुई है।
परिजनों और पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार बहादुर सिंह मंगलवार सुबह घर से बिना किसी को बताए निकल गए थे। कुछ घंटे बाद उन्होंने अपने कुछ करीबी दोस्तों को मोबाइल पर संदेश भेजा। संदेश में उन्होंने भारी कर्ज और आर्थिक दबाव का जिक्र करते हुए लिखा कि अब उनके लिए इस स्थिति से बाहर निकलना संभव नहीं रह गया है। संदेश मिलने के बाद परिचितों ने उनसे संपर्क करने और उनकी तलाश करने की कोशिश की, लेकिन देर शाम उनका शव बरामद हुआ।
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से तीन पन्नों का एक नोट भी मिला है। इसमें उन्होंने लिखा कि वह अपनी इच्छा से यह कदम उठा रहे हैं और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना जाए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि परिवार के साथ उनके संबंध सामान्य और सुखद थे, लेकिन लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव और कर्ज ने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था। नोट में उन्होंने अपनी डायरी में दर्ज लेन-देन और कर्ज से संबंधित विवरण का भी उल्लेख किया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बहादुर सिंह ने रियल एस्टेट बाजार में तेजी की उम्मीद के साथ कर्ज लेकर कई जमीनों में निवेश किया था। हालांकि बाजार में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने से निवेश पर लाभ नहीं मिल सका और कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता गया। आर्थिक स्थिति बिगड़ने के साथ उनके लिए वित्तीय दायित्वों को पूरा करना कठिन होता चला गया, जिससे वे गंभीर तनाव में आ गए थे।
करीबी लोगों का कहना है कि बहादुर सिंह सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे। वे हनुमान भक्त के रूप में भी जाने जाते थे और स्थानीय धार्मिक आयोजनों में सहयोग करते थे। उनके अचानक निधन की खबर से परिवार, मित्रों और क्षेत्र के लोगों में शोक का माहौल है।
फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कारोबारी पर वास्तविक रूप से कितना कर्ज था, किन लोगों से उनका वित्तीय लेन-देन था और किन परिस्थितियों ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
