दूसरे दिन श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमान कुशल मेंडिस और सोनल दिनुशा ने संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 143 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। कुशल मेंडिस ने 115 गेंदों पर 69 रन की उपयोगी पारी खेली जिसमें आठ चौके और तीन शानदार छक्के शामिल रहे।
दूसरी ओर सोनल दिनुशा अपने पहले टेस्ट शतक के बेहद करीब पहुंचकर चूक गए। उन्होंने 92 रन की शानदार पारी खेली और इस दौरान 12 चौके लगाए। उनकी संयमित और आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंका को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
निचले क्रम में मिलन रत्नायके ने 15 रन का योगदान दिया जबकि प्रभात जयसूर्या 17 रन बनाकर नाबाद लौटे। टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहे इसिथा विजेसुंदरा ने भी 14 रन जोड़कर टीम के स्कोर को मजबूती दी।
वेस्टइंडीज की ओर से जेडन सील्स और शेमार जोसेफ सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने दो-दो विकेट हासिल किए। अल्जारी जोसेफ जस्टिन ग्रीव्स और रोस्टन चेज को एक-एक सफलता मिली लेकिन कोई भी गेंदबाज श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर लगातार दबाव नहीं बना सका।
विशाल लक्ष्य के जवाब में वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ब्रैंडन किंग 17 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि जॉन कैंपबेल ने एक छोर संभाले रखा और दिन का खेल समाप्त होने तक 31 रन बनाकर नाबाद रहे। उनके साथ केवम हॉज छह रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
पहले टेस्ट में मिली करारी हार के बाद श्रीलंका ने इस मुकाबले के लिए टीम में तीन बदलाव किए थे। प्रभात जयसूर्या लाहिरू उदारा और इसिथा विजेसुंदरा को अंतिम एकादश में शामिल किया गया। पथुम निसांका और लाहिरू कुमारा चोट के कारण बाहर रहे जबकि कसुन रजिथा को खराब प्रदर्शन के चलते टीम में जगह नहीं मिली।
पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को एक पारी और 217 रन से हराया था लेकिन दूसरे टेस्ट में श्रीलंका ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। अब तीसरे दिन वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी यह तय करेगी कि मैच किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
