नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कतर की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी करते हुए दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बातचीत की। दौरे के दौरान उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात कर ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न आयामों की व्यापक समीक्षा की। दोनों नेताओं ने भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया।
यह यात्रा विदेश मंत्री के बहु-देशीय पश्चिम एशिया दौरे का पहला चरण थी। इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ भारत के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना, क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करना तथा साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर समन्वय बढ़ाना है। कतर के बाद उनका कार्यक्रम बहरीन, कुवैत और ओमान की यात्राओं का भी है।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने ऊर्जा सुरक्षा, व्यापारिक सहयोग, निवेश बढ़ाने की संभावनाओं और आपसी संपर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के कई मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े विषय भी चर्चा के प्रमुख केंद्र रहे।
विदेश मंत्री ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी संवाद में कतर की सक्रिय मध्यस्थता भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों में कतर की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। दोनों नेताओं ने साझा हितों वाले बहुपक्षीय विषयों पर भी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।
दोहा प्रवास के दौरान डॉ. जयशंकर ने भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने कतर के विकास और समाज में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी भारतीय नागरिकों ने अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विदेशों में रह रहे भारतीयों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारतीय समुदाय के अनुभव, सुझाव और सहभागिता भारत-कतर संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर मजबूत होते संबंधों को द्विपक्षीय साझेदारी की बड़ी ताकत बताया और भविष्य में इसे और विस्तार देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कतर नेतृत्व का भारत के नागरिकों की सुरक्षा और उनके हितों का ध्यान रखने के लिए आभार भी व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सुरक्षा, कनेक्टिविटी और मानवीय संबंधों को भी आगे बढ़ाने से रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी।
विदेश मंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच भारत क्षेत्र के देशों के साथ अपने सहयोग को और गहरा करने की दिशा में सक्रिय कूटनीतिक पहल कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से भारत और कतर के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश तथा क्षेत्रीय सहयोग के क्षेत्रों में भविष्य की साझेदारी को नया विस्तार मिलने की संभावना मजबूत हुई है।
