हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर जिंक की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ड्राई-सेल बैटरियों के निर्माण में जिंक एक प्रमुख कच्चा माल है, इसलिए इसकी लागत बढ़ने का सीधा असर उत्पादन खर्च पर पड़ रहा है। इसके साथ ही रुपये में कमजोरी के कारण आयातित कच्चे माल की कीमत भी बढ़ गई है। इससे कंपनियों के लिए लागत को नियंत्रित करना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे समय में मुनाफे को बनाए रखना बैटरी उद्योग के लिए बड़ी परीक्षा बन गया है।
उद्योग के सामने दूसरी महत्वपूर्ण चुनौती सरकार के नए बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट नियम हैं। इन नियमों के तहत कंपनियों को केवल बैटरी बेचने तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि इस्तेमाल हो चुकी बैटरियों को वापस एकत्रित कर उनके सुरक्षित रीसाइक्लिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। इससे कंपनियों पर अतिरिक्त परिचालन और अनुपालन लागत बढ़ने की संभावना है। पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन उद्योग के लिए यह एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आया है।
इसी बदलते परिदृश्य को देखते हुए Eveready ने लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से देश का पहला आधुनिक अल्कलाइन बैटरी उत्पादन संयंत्र स्थापित किया है। कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में अल्कलाइन बैटरियों की मांग तेजी से बढ़ेगी, क्योंकि ये सामान्य जिंक-कार्बन बैटरियों की तुलना में अधिक समय तक चलती हैं और बेहतर प्रदर्शन देती हैं। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, स्मार्ट गैजेट्स और उच्च ऊर्जा खपत वाले उत्पादों में अल्कलाइन बैटरियों की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय उपभोक्ताओं की पसंद भी धीरे-धीरे बदल रही है। अब ग्राहक अधिक टिकाऊ और बेहतर प्रदर्शन देने वाले उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में केवल पारंपरिक ड्राई-सेल बैटरियों पर निर्भर रहना किसी भी कंपनी के लिए दीर्घकालिक रणनीति नहीं माना जा सकता। इसी कारण कंपनियां नए उत्पादों, उन्नत तकनीक और बेहतर गुणवत्ता वाली बैटरियों के विकास पर निवेश बढ़ा रही हैं।
Eveready का उद्देश्य केवल मौजूदा बाजार हिस्सेदारी बनाए रखना नहीं, बल्कि तेजी से बदलते बैटरी उद्योग में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को और मजबूत करना भी है। कंपनी का मानना है कि नवाचार, आधुनिक उत्पादन क्षमता और पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप कारोबार का विस्तार भविष्य में उसकी विकास रणनीति का आधार बनेगा। यदि अल्कलाइन बैटरियों की मांग अनुमान के अनुरूप बढ़ती है, तो यह निवेश कंपनी को नए अवसरों का लाभ उठाने के साथ-साथ बदलते बाजार में दीर्घकालिक मजबूती भी प्रदान कर सकता है।
