भारत सरकार के नागरिक सहभागिता मंच माई जीओवी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस विशेष अभियान की घोषणा करते हुए नागरिकों को सेवा और निष्ठा की गौरवशाली विरासत विषय पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता क्विज शॉर्ट वीडियो प्रतियोगिता और नागरिक प्रतिज्ञा अभियान में भाग लेने का निमंत्रण दिया है। इच्छुक प्रतिभागी माई जीओवी पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण कर इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकते हैं।
सरकार ने अपने संदेश में कहा है कि सीआरपीएफ केवल भारत का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल ही नहीं बल्कि देश की एकता अखंडता और आंतरिक सुरक्षा का सबसे मजबूत स्तंभ भी है। वर्ष 1939 में स्थापित इस बल ने सेवा और निष्ठा के अपने मूल मंत्र को निभाते हुए हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित की है। चाहे आतंकवाद के खिलाफ अभियान हो वामपंथी उग्रवाद से मुकाबला हो कानून व्यवस्था बनाए रखना हो शांतिपूर्ण चुनाव कराना हो या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्य करना हो सीआरपीएफ ने हर मोर्चे पर अपनी दक्षता और बहादुरी का परिचय दिया है।
सीआरपीएफ की विशेष इकाइयों रैपिड एक्शन फोर्स और कोबरा ने भी समय समय पर कठिन अभियानों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। देश के दुर्गम इलाकों से लेकर संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों तक बल के जवान दिन रात राष्ट्र की सुरक्षा में तैनात रहते हैं और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करते हैं।
इस गौरवशाली यात्रा के दौरान सीआरपीएफ के 2270 से अधिक वीर जवान देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं। उनका साहस समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सरकार का मानना है कि स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिताएं केवल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच नहीं बल्कि नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति सुरक्षा और सेवा के मूल्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी बनेंगी।
सरकार ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर सीआरपीएफ के वीर जवानों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें। साथ ही अपनी रचनात्मकता और ज्ञान के माध्यम से उस बल के प्रति सम्मान प्रकट करें जिसने दशकों से भारत की एकता संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
