नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 06,अगस्त,2026 (हिन्द संतरी ) विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत बुधवार को जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम में स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सिविल सर्जन डॉ. सुनीता कमले के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सिविल सर्जन डॉ. सुनीता कमले ने प्रसूता माताओं को नवजात शिशु के लिए मातृ दुग्ध के महत्व एवं इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूक किया।
कार्यक्रम में महिलाओं को बताया गया कि जन्म के प्रथम घंटे में ही स्तनपान प्रारंभ किया जाए, शिशु को 6 माह तक केवल माँ का दूध पिलाया जाए तथा 6 माह बाद ऊपरी आहार के साथ 2 वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखा जाए। डॉ. कमले ने बताया कि मातृ दुग्ध से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, कुपोषण एवं संक्रमण से बचाव होता है तथा माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
आरएमओ डॉ. गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रसव के बाद पहले 1 घंटे के भीतर स्तनपान जरूरी है। जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध ‘कोलोस्ट्रम’ शिशु का पहला टीका है। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और गंभीर संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करता है।
इस अवसर पर डॉ. आयुषी शुक्ला, डॉ. मानशाली, सिस्टर इंचार्ज श्रीमती ज्योति अतुलकर, श्रीमती प्रतिभा लाखड़ा, श्रीमती हेमलता पटेल एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे। सभी ने प्रसूता माताओं को सफल स्तनपान के लिए प्रेरित किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। वक्ताओं ने मातृ दुग्ध को शिशु के लिए सर्वोत्तम एवं संपूर्ण आहार बताया।
जिला चिकित्सालय द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक माताएं स्तनपान के महत्व को समझकर अपने शिशुओं को स्वस्थ जीवन की शुरुआत दे सकें।
