आश्विन रावल वकुल ब्यूरो चीफ
मुख्यमंत्री ने लगभग 1.22 लाख विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप के लिए 304.98 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की
प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को मिली 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
भोपाल 01 सितम्बर 2026, (हिन्द संतरी ) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थी की वास्तविक सफलता केवल अच्छे अंक अथवा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उसके संस्कार, विनम्रता, अनुशासन और व्यक्तित्व में निहित होती है। विद्यार्थी सफलता से उत्साहित हों, लेकिन अपने भीतर अहंकार नहीं आने दें। असफलता से निराश होने के बजाय उसके कारणों को समझें और उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाएँ। मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही कभी हारता और कभी जीतता है। जीतने का सपना देखने और चुनौतियों का सामना करने का साहस रखने वाला ही सच्चा खिलाड़ी कहलाता है। संघर्षों से बचने वाले जीवन में कभी सफल नहीं होते। जीवन में कठिनाइयों और चुनौतियों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सफलता संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प से प्राप्त होती है। परमात्मा ने प्रत्येक व्यक्ति को सीमित और मूल्यवान समय दिया है। विद्यार्थी इसका सदुपयोग करते हुए पूरी ईमानदारी से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। आज किया गया परिश्रम ही कल की बड़ी सफलता का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के राशि अंतरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के लगभग एक लाख 22 हजार मेधावी विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है।
शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी निरंतर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर रहे हैं। मेरिट सूची में शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी शिक्षकों की मेहनत और शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तक, गणवेश, साइकिल, स्कूटी, छात्रवृत्ति और लैपटॉप जैसी सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों की राह में बाधा न बने। प्रदेश का प्रत्येक बच्चा अपनी योग्यता के आधार पर डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, वैज्ञानिक, अधिकारी, उद्यमी अथवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़े।
शिक्षा के लिए बजट में व्यापक प्रावधान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को प्रदेश के भविष्य में निवेश मानती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 36 हजार 730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा विभाग के लिए 4 हजार 247 करोड़ रुपये तथा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के लिए 2 हजार 932 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा और विद्यार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्ववर्ती सरकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में प्रदेश में शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों का अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका। वर्तमान राज्य सरकार ने विद्यालयी शिक्षा से लेकर उच्च, तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा तक अधोसंरचना, बजट तथा संस्थानों का व्यापक विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत का मान-सम्मान निरंतर बढ़ रहा है। देश की युवा शक्ति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सशक्त नेतृत्व ने भारत के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी शिक्षा, कौशल, तकनीक और रोजगार को युवा भविष्य के निर्माण का आधार बनाकर कार्य कर रही है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य तय किया है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्कूल शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस, साइकिलें, लैपटॉप और स्कूटी भी प्रदान की जा रही हैं। लेकिन प्रदेश के स्कूलों में कभी वह दौर भी था, जब बच्चों को स्कूलों में बैठने तक के इंतजाम नहीं हुआ करते थे। हमारी सरकार ने तेजी से नए मेडिकल कॉलेज खोलने प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में आजादी के बाद 55 साल में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब निजी और शासकीय मिलाकर कुल 33 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। राज्य में अभी साढ़े 6 हजार से अधिक एमबीबीएस की सीटें हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य तय किया है।
राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाते हुए प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ तक पहुंचाया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाते हुए प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ तक पहुंचाया है। इसमें स्कूल शिक्षा पर 36 हजार 730 करोड़, चिकित्सा शिक्षा पर 24 हजार करोड़, उच्च शिक्षा पर 4200 करोड़, तकनीकी शिक्षा पर 2932 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सभी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का अभियान निरंतर जारी है। अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देकर राज्य सरकार अपने उत्तरदायित्वों को पूरा कर रही है। अगर पदोन्नति नहीं मिले तो जीवन में निराशा आ जाती है। हमारी सरकार ने सालों से लंबित पदोन्नतियों का मार्ग प्रशस्त किया है। पदोन्नति से सभी विभागों के कर्मचारियों में प्रसन्नता, उत्साह और सकारात्मकता का वातावरण बना है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, विधायक श्री विष्णु खत्री, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्री अभिषेक सिंह सहित प्रदेशभर से आए मेधावी विद्यार्थी, शिक्षण एवं अभिभावक उपस्थित थे।
