नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 11,सितंबर,2026 (हिन्द संतरी ) कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बाल श्रम की पहचान एवं विमुक्ति की कार्रवाई के उद्देश्य से शुक्रवार को नर्मदापुरम शहर के मीनाक्षी चौक स्थित विभिन्न संस्थानों में संयुक्त जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व श्रम विभाग द्वारा किया गया, जिसमें पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहयोग किया।
अभियान के दौरान विभिन्न संस्थानों का भ्रमण कर नियोजकों एवं कर्मचारियों को बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई। संस्थानों में बाल श्रम रोकथाम संबंधी स्टीकर लगाए गए तथा नियोजकों को बाल एवं किशोर श्रमिकों के नियोजन से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों का किसी भी प्रकार के कार्य में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों को खतरनाक श्रेणी के कार्यों में नियोजित करना भी कानूनन अपराध है। इनमें खदानों, ज्वलनशील पदार्थों, विस्फोटकों तथा अन्य परिसंकटमय प्रक्रियाओं से संबंधित कार्य शामिल हैं।
श्रम निरीक्षक श्रीमती ज्योति पी.ए. ने बताया कि किसी भी संस्थान में बालक का नियोजन तथा किशोर श्रमिकों का खतरनाक कार्यों में नियोजन संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने नियोजकों से अपील की कि वे बाल एवं किशोर श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करें तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर दोषी नियोजक के विरुद्ध न्यूनतम छह माह से अधिकतम दो वर्ष तक के कारावास अथवा न्यूनतम 20 हजार रुपये से अधिकतम 50 हजार रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों दंड का प्रावधान है।
