केशव शर्मा वरिष्ठ पत्रकार
राजनांदगाँव 30 अक्टूम्बर 2026 ( हिन्द संतरी )छत्तीसगढ़ की लोककला को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले प्रसिद्ध बांस वादक विक्रम यादव का आज सुबह 5 बजे निधन हो गया। वे खैरा रवेली के रहने वाले थे और पिछले कई दिनों से अस्वस्थ थे। उनके निधन से कला जगत में शोक की लहर है। श्री यादव को आज 11 बजे पंचतत्व मे विलीन हो गए ।

अंतर्राष्ट्रीय बांस वादक कलाकार विक्रम यादव ने बांस गीत की विलुप्त होती परंपरा को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने 1971 में हबीब तनवीर के नया थिएटर से जुड़कर देशभर में अपनी कला का प्रदर्शन किया और विदेशों में भी छत्तीसगढ़ की लोककला का परचम लहराया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के समक्ष भी प्रस्तुति दी थी।
बांस, बांसुरी और बीन वादन में उनकी अद्भुत प्रतिभा ने छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयां दीं। 2007 में वे अनुपरंजन पांडेय के बस्तर बैंड से जुड़े। उन्हें 2007 में भुइयां सम्मान, 2018 में मध्यप्रदेश शासन का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय तुलसी सम्मान सहित कई सम्मान मिले। 4 अक्टूबर 2026 को ही उन्हें साकेत कला साधना सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया था।
