नई दिल्ली। भारत (India) और इंडोनेशिया (Indonesia) ने गुरुवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos Supersonic Cruise Missile) खरीद से संबंधित बारीक विवरणों पर चर्चा की। यह चर्चा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) और उनके इंडोनेशियाई रक्षा मंत्री साफरी समसोद्दीन (Indonesian Defense Minister Safary Samsodin) की सह-अध्यक्षता में आयोजित तीसरे भारत-इंडोनेशिया रक्षा मंत्रियों के संवाद में हुई। यह इंडोनेशिया को इस हथियार प्रणाली की बिक्री की दिशा में एक और प्रगति है।
यदि ब्रह्मोस समझौता सफल होता है, तो इंडोनेशिया फिलीपींस के बाद इस हथियार प्रणाली को भारत से खरीदने वाला दूसरा देश बन जाएगा। फिलीपींस ने 2022 में लगभग 290 किमी रेंज वाली इस हथियार प्रणाली की तीन खेप खरीदी थीं।
ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण DRDO और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के बीच एक संयुक्त उद्यम के तहत किया जाता है। ब्रह्मोस मिसाइल को भारत की तीनों रक्षा सेवाओं में शामिल किया गया है और इसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के अंदर निर्धारित लक्ष्यों पर हमला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड इस मिसाइल प्रणाली और इसके कॉम्पैक्ट नेक्स्ट-जेनरेशन संस्करण ब्रह्मोस एनजी (BrahMos NG) को दक्षिण अफ्रीका और सऊदी अरब, यूएई और मिस्र जैसे पश्चिमी एशियाई देशों सहित कम से कम 10 देशों को निर्यात करने की योजना बना रही है। ब्रह्मोस मिसाइल की रेंज को मौजूदा 290 किमी से बढ़ाकर भूमि हमलों के लिए 500 किमी और जहाजों पर हमलों के लिए 400 किमी करने पर काम चल रहा है। मिसाइल में इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर मेजर्स (ECCM) जैसे अन्य उन्नयन भी किए जा रहे हैं।
रक्षा मंत्रियों के संवाद के दौरान, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने की पुष्टि की। संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सैन्य स्वास्थ्य लचीलेपन को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों सहित रक्षा चिकित्सा और फार्मास्यूटिकल्स में सहयोग पर भी चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने अंतर्राष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सम्मान द्वारा निर्देशित एक स्वतंत्र, खुला, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक बनाए रखने के महत्व को दोहराया। इंडोनेशिया ने संयुक्त रक्षा उद्योग सहयोग समिति स्थापित करने के भारत के प्रस्ताव की सराहना की।
दोनों देशों ने फिलिस्तीन में न्यायसंगत और स्थायी शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इंडोनेशिया ने संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत गाजा में शांति स्थापना कर्मियों का योगदान करने की अपनी तत्परता की पुष्टि की।
