नई दिल्ली दुनिया भर में टैंकों का महत्व आज भी किसी भी सेना की रीढ़ के रूप में कायम है। चाहे यह बर्फीले पहाड़ हों या रेगिस्तान की धूल, आधुनिक युद्ध में टैंक ही जमीनी नियंत्रण का सबसे बड़ा हथियार माने जाते हैं। रूस–यूक्रेन युद्ध, गाजा–इजरायल संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने यह साफ कर दिया कि टैंक युद्ध का नक्शा पलटने की क्षमता रखते हैं। 2025 में दुनिया के कई देशों ने अपने टैंकों को नई तकनीक, जबरदस्त सुरक्षा और घातक फायर पावर से लैस किया है।
अमेरिका – M1A2 Abrams
अमेरिका का M1A2 Abrams टैंक सुरक्षा और फायर पावर का बेजोड़ उदाहरण है। इसका आर्मर इतना मजबूत है कि भारी बमबारी भी इसे आसानी से नुकसान नहीं पहुंचा सकती। इसमें लगी 120 मिमी XM256 स्मूथबोर गन बेहद सटीक है। डिजिटल युद्ध प्रणाली और हर मौसम में ऑपरेशन की क्षमता इसे सबसे भरोसेमंद टैंकों में शामिल करती है।
रूस – T-14 Armata और T-90
रूस का T-14 Armata आधुनिक तकनीक का नमूना है। इसका टॉवर रिमोट कंट्रोल से चलता है, जिससे चालक दल पर खतरा कम हो जाता है। इसमें 125 मिमी की नई पीढ़ी की गन और एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम लगा है, जो इसे किसी भी आधुनिक मिसाइल या टैंक शेल से सुरक्षित बनाता है। रूस का T-90 भी दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले टैंकों में शामिल है और भारत ने इसे टी-90 भीष्म के नाम से अपनाया है।
दक्षिण कोरिया – K2 Black Panther
दक्षिण कोरिया का K2 Black Panther फुर्ती और फायर रेट के लिए जाना जाता है। इसका अत्याधुनिक सस्पेंशन सिस्टम इसे कठिन इलाके में तेज गति से चलने की क्षमता देता है। 120 मिमी गन मिनटों में कई राउंड दाग सकती है, जिससे यह लड़ाकू क्षमता में शीर्ष पर है।
जर्मनी – Leopard 2A7
Leopard 2A7 युद्ध के मैदान में विश्वास और स्थायित्व का प्रतीक है। मजबूत आर्मर, तेज गति और आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम इसे NATO देशों में सबसे विश्वसनीय टैंक बनाते हैं।
ब्रिटेन, इजरायल और फ्रांस के टैंक
Challenger 2 अपनी L30A1 राइफल गन और भारी कवच के लिए प्रसिद्ध है। Merkava Mark IV इजराइल की सुरक्षा-केंद्रित जरूरतों के अनुसार बनाया गया है, जिसमें 120 मिमी गन और LAHAT मिसाइल लगी हैं। फ्रांस का Leclerc हल्का, तेज और स्मार्ट तकनीक से लैस टैंक है, जो युद्ध के दौरान तेजी से पोजीशन बदल सकता है।
चीन – VT-4
चीन का VT-4 दुनिया में सबसे ज्यादा निर्यात किया जाने वाला आधुनिक टैंक है। इसमें थर्ड जेनरेशन फायर कंट्रोल सिस्टम, 125 मिमी स्मूथबोर गन और एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम है। पाकिस्तान समेत कई देशों ने इसे अपनाया है।
दुनिया का नंबर 1 टैंक
सभी पहलुओं – फायर पावर, सुरक्षा, तकनीक, युद्ध प्रदर्शन और विश्वसनीयता -को मिलाकर देखा जाए तो 2025 में M1A2 Abrams, T-14 Armata और Leopard 2A7 को दुनिया के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली टैंकों में रखा गया है। ये टैंक न केवल युद्ध का तरीका बदल रहे हैं, बल्कि बड़ी सेनाओं की रणनीति और राजनीति को भी नया आकार दे रहे हैं।
