इंदौर । इंदौर में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ जब एक ई-रिक्शा की बैटरी में जोरदार ब्लास्ट हो गया जिससे दो महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। इस हादसे में पवित्रा और उनकी 85 वर्षीय मां राजकुंवर बाई की हालत गंभीर हो गई। बैटरी का एसिड फैलने से ई-रिक्शा की सीट और रेगजिन में आग लग गई जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। दोनों महिलाएं करीब 90 प्रतिशत झुलस गईं और उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान रविवार को पवित्रा की मृत्यु हो गई।
यह हादसा इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित स्कीम-54 में हुआ। पवित्रा और उनकी मां राजकुंवर बाई आंखों का इलाज करवाने के लिए निरंजनपुर से ई-रिक्शा में सवार होकर विजयनगर आ रही थीं, तभी अचानक बैटरी में धमाका हुआ। इस ब्लास्ट में ई-रिक्शा चालक अरुण गुप्ता भी झुलस गए। पुलिस के अनुसार चालक ने ई-रिक्शा में अतिरिक्त बैटरी लगवाने की जानकारी दी।
ई-रिक्शा की बैटरी में ब्लास्ट का कारण आमतौर पर लिथियम-आयन बैटरियों में होती खराबी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि बैटरी में शॉर्ट सर्किट ओवरहीटिंग या किसी खराबी के कारण गैस बनने लगे तो बैटरी फट सकती है। इसके अलावा अगर चार्जर असली नहीं है या बैटरी की चार्जिंग मानकों के अनुसार नहीं हो रही है, तो भी बैटरी के फटने का खतरा रहता है। इसी तरह बैटरी के अंदर किसी भी हिस्से में खराबी होने से भी शॉर्ट-सर्किट हो सकता है। दुर्घटना या जोरदार झटके से बैटरी का नुकसान भी ब्लास्ट का कारण बन सकता है।
इसी तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं। जून 2025 में बिहार के मुजफ्फरपुर में ई-रिक्शा की बैटरी फटने से एक महिला की मौत हुई थी। मार्च 2025 में गाजियाबाद में चार्जिंग के दौरान बैटरी फटने से एक परिवार के चार लोग झुलस गए थे। फरवरी 2024 में बिजनौर में भी इस तरह का हादसा हुआ था जिसमें पांच लोग झुलस गए थे।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि ई-रिक्शा की बैटरी के इस्तेमाल में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक बैटरी चार्ज करते समय हमेशा प्रमाणित चार्जर का ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा चार्जिंग के दौरान वाहन को वेंटिलेटेड स्थान पर रखें और बैटरी में किसी भी तरह की छेड़छाड़ से बचें। अगर बैटरी को कोई झटका लगा हो या दुर्घटनाग्रस्त हो तो उसे तुरंत चेक कराएं और चार्ज न करें।
