भोपाल । भोपाल में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जहां वित्त विभाग के पूर्व निदेशक नितिन नांदगांवकर का फोन एक डिजिटल ठगी के जाल में फंसकर हैक हो गया। यह घटना बुधवार को हुई जब उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया। उस व्यक्ति ने खुद को एक ई-कॉमर्स कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कहा कि उनका पार्सल डिलीवर होने वाला है, लेकिन डिलीवरी ब्वॉय उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा है। फिर उसने एक नंबर दिया जिसमें *21 लगा हुआ था और उनसे उसे डायल करने को कहा।
नितिन नांदगांवकर ने बिना सोचे समझे उस नंबर को डायल कर दिया जिससे उनका फोन हैक हो गया। कुछ ही मिनटों में उनका वॉट्सएप अकाउंट लॉग आउट हो गया और स्क्रीन पर एक अनजान डिवाइस से लॉगिन होने का नोटिफिकेशन दिखाई दिया। जब उन्होंने अपनी पत्नी के फोन से लॉगिन करने की कोशिश की तो उनका वॉट्सएप भी हैक हो गया। अब दोनों के नाम से उनके रिश्तेदारों और परिचितों को पैसे की मांग वाले संदेश भेजे जाने लगे।
सवाल यह उठता है कि इतने अनुभवी और सतर्क व्यक्ति कैसे इस ठगी के शिकार हो गए। दरअसल यह नया पार्सल डिलीवरी कॉल फारवर्डिंग स्कैम है जिसमें ठग जानबूझकर स्टार 21 जैसे कॉल फारवर्डिंग कोड का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह से ठग फोन का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं और फिर अकाउंट हैक कर लेते हैं। नितिन नांदगांवकर को इस ठगी का अहसास तब हुआ जब उनके रिश्तेदारों और परिचितों ने उनसे अचानक पैसे की मांग के बारे में पूछा। इसके बाद उन्हें समझ में आया कि उनके फोन और वॉट्सएप अकाउंट से जालसाजी हो रही है।
नितिन नांदगांवकर और उनकी पत्नी नीलम जैन ने हबीबगंज थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में कहा कि यह एक नया तरीका है जिसे ठगों ने ई-कॉमर्स पार्सल डिलीवरी से जुड़ा बताया। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और ठगों की पहचान के लिए छानबीन शुरू कर दी है।
यह घटना एक चेतावनी है कि हम डिजिटल दुनिया में कितने भी अनुभवी क्यों न हों हमें हर फोन कॉल और संदेश पर अत्यधिक सतर्क रहना चाहिए। साइबर ठगी का जाल अब इतना खतरनाक हो चुका है कि कोई भी व्यक्ति इसके जाल में फंस सकता है। हाल ही में नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी के फर्जी वॉट्सएप अकाउंट बना कर भी उनके परिचितों से पैसे की मांग की गई थी। हालांकि दोनों के फोन हैक होने की पुष्टि नहीं हुई थी लेकिन यह इस बात का संकेत है कि साइबर ठग किस तरह से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
इस तरह की ठगी से बचने के लिए विशेषज्ञों का कहना है कि हमें कभी भी अनजान नंबरों से आए कॉल्स पर ध्यान नहीं देना चाहिए। यदि कोई किसी पार्सल या डिलीवरी के बारे में जानकारी मांगता है तो सबसे पहले उसे पूरी तरह से जांचें और भरोसेमंद स्रोत से पुष्टि करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक या नंबर को डायल करने से बचें। यहां तक कि जब हम किसी अनजान व्यक्ति से कॉल या संदेश प्राप्त करते हैं तो उस पर प्रतिक्रिया देने से पहले हमें पूरी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और संदेहास्पद गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।
