भोपाल । मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार को 13 दिसंबर को अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे हो जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में हुए कार्यों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। यह समीक्षा प्रक्रिया मंगलवार, 2 दिसंबर से शुरू हो रही है और इसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों के कामकाज का लेखा-जोखा पेश करना होगा। इसके अलावा आगामी तीन वर्षों के लिए कार्ययोजना भी प्रस्तुत की जाएगी ताकि भविष्य में सरकार की प्राथमिकताओं और लक्ष्यों का स्पष्ट निर्धारण हो सके।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं। अबयह समय है कि इन योजनाओं की समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार की नीति और योजना के मुताबिक कार्य हो रहा है या नहीं। मंत्रियों से न केवल विभागीय उपलब्धियों के बारे में जानकारी ली जाएगी बल्कि उन क्षेत्रों पर भी चर्चा की जाएगी जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही आगामी तीन वर्षों के लिए विभागीय कार्ययोजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं जो सरकार के दृष्टिकोण और लक्ष्यों के अनुरूप हों।
समीक्षा प्रक्रिया की रूपरेखा
यह समीक्षा प्रक्रिया चार दिन लंबी होगी। इसमें दो दिन की बैठकें भोपाल में और दो दिन खजुराहो में आयोजित की जाएंगी। इसमें मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। समीक्षा के दौरान मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों कमियों और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही, प्रत्येक मंत्री को अगले तीन वर्षों के लिए कार्य योजना प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा। यह कार्य योजना विभागों की कार्यशैली और योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जरूरी रणनीतियों पर आधारित होगी।
वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक की कार्ययोजना
सरकार ने पहले से ही विभिन्न क्षेत्रों को लेकर योजनाएं तैयार की हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 को सुशासन के लिए समर्पित किया गया है जबकि 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद 2026-27 को कृषि-आधारित उद्योगों के विकास के लिए निर्धारित किया गया है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
समीक्षा में शामिल होने वाले विभाग
समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों की कार्य योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। 1. 2 दिसंबर पंचायत और ग्रामीण विकास स्कूल शिक्षा नर्मदा घाटी विकास नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा। 3 दिसंबर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सहकारिता महिला एवं बाल विकास पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण सामाजिक न्याय एवं निश्शक्तजन कल्याण कृषि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण। 8 दिसंबर खाद्य नागरिक आपूर्ति वाणिज्यिक कर पशुपालन एवं डेयरी नगरीय विकास एवं आवास जनजातीय कार्य अनुसूचित जाति विकास सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम। 9 दिसंब लोक निर्माण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी।
समीक्षा का उद्देश्य
इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य न केवल सरकार के पिछले दो वर्षों के कार्यों का मूल्यांकन करना है बल्कि आगामी तीन वर्षों के लिए एक मजबूत और परिणाम आधारित शासन ढांचे की योजना बनाना भी है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकार की नीतियां और योजनाएं सही दिशा में काम कर रही हैं और आने वाले वर्षों में जनता की अपेक्षाओं और जरूरतों को पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह समीक्षा सरकार की कार्यप्रणाली और दिशा को स्पष्ट करने में मदद करेगी ताकि अगले तीन वर्षों में विकास की गति को और तेज किया जा सके।
