नई दिल्ली। गुजरात के भावनगर में NSUI जिलाध्यक्ष अर्शमान खान बलोच को अहमदाबाद पुलिस ने साइबर फ्रॉड केस में गिरफ्तार किया है। बलोच पर आरोप है कि वह साइबर ठगों को हवाला के पैसों को बैंक अकाउंट्स में जमा कराने में मदद करता था और इसके एवज में 25 प्रतिशत कमीशन लेता था। इस गिरफ्तारी से पुलिस अब पूरे हवाला नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
47.5 लाख रुपए का बड़ा फ्रॉड
सूत्रों के मुताबिक एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम के बहाने 47 लाख 50 हजार रुपए ठग लिए गए थे। इस जांच के दौरान अर्शमान खान बलोच का नाम सामने आया। पुलिस का कहना है कि मामला बेहद बड़ा और जटिल है, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क का भी हाथ है।
कैसे करता था फ्रॉड?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बलोच कंस्ट्रक्शन व्यवसाय से जुड़ा हुआ था और यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए भी सक्रिय था। वह साइबर ठगों को बैंक अकाउंट्स उपलब्ध कराता था, जिसमें हवाला के पैसे जमा किए जाते थे। पैसे जमा होने के बाद बलोच 25% कमीशन अपनी जेब में डाल लेता और बाकी रकम क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेशी ठगों तक भेज देता था। बलोच की संपत्ति और लाइफस्टाइल भी पुलिस के संदेह का केंद्र बनी। उसके पास BMW, फॉर्च्यूनर, थार और इनोवा जैसी महंगी गाड़ियाँ हैं और जमीन-जायदाद भी बड़ी मात्रा में है।
दुबई ट्रिप से शुरू हुआ फ्रॉड का नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक अर्शमान खान बलोच कुछ समय पहले दुबई गया था। वहाँ उसने एक साइबर फ्रॉड गैंग से संपर्क किया और उसके बाद से वह लगातार ठगों की मदद करता रहा। वह हवाला पैसे बैंक में जमा करवा कर उन्हें अलग-अलग व्यक्तियों से इकट्ठा करता और 25% राशि अपने पास रखता। अंगड़िया सिस्टम के जरिए बलोच ने अकेले डेढ़ करोड़ रुपए का फ्रॉड किया। इसी कमाई से उसने अपनी संपत्ति को और बढ़ाया। पुराने मामलों में भी नाम सामने आया पुलिस के अनुसार बलोच का नाम पहले भी दो पुरानी शिकायतों में शामिल था। अब यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले हवाला नेटवर्क की गहरी जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
अहमदाबाद पुलिस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने की कोशिश में है। अधिकारियों का कहना है कि हवाला का कनेक्शन केवल भारत तक सीमित नहीं है बल्कि इसका इंटरनेशनल लेवल तक प्रभाव है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
