नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें माता-पिता अपने बेटे को वापस दिलाने की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में पिता रोते हुए प्रेमानंद महाराज से कहते हैं हमारा एक ही बेटा है हमें बहुत तकलीफ हो रही है। कृपया हमारा बेटा हमें वापस कर दो। इस वीडियो में माता-पिता की भावनाएँ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। पिता ने मीडिया को बताया कि उन्होंने छह महीने पहले अपने बेटे को गुरु दीक्षा दिलवाई थी। उनका उद्देश्य यह था कि बेटा घर पर रहते हुए सेवा करे और भक्ति में लीन रहे। लेकिन चार महीने बाद उनका बेटा वृंदावन चला गया और अब वापस आने के लिए तैयार नहीं है। पिता ने आगे कहा हमने पहले भी उसे घर बुलाने की कोशिश की लेकिन वह सिर्फ प्रेमानंद महाराज के छत्र-छाया में भक्ति करना चाहता है। मेरी पत्नी को कैंसर है और हम इस कठिन परिस्थिति में हैं। हमें हमारा बेटा चाहिए।
माता-पिता ने कहा कि वे राधा रानी की सेवा की महिमा समझते हैं और भक्ति का सम्मान करते हैं लेकिन बेटे के घर न लौटने से उन्हें मानसिक और भावनात्मक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पिता ने बताया कि उनका बेटा वृंदावन में भक्ति कर सकता है लेकिन घर पर रहकर भी माता-पिता की देखभाल और सेवा संभव है।रिपोर्टर ने पिता को समझाने की कोशिश की कि प्रेमानंद महाराज किसी भी शिष्य से यह नहीं कहते कि माता-पिता छोड़कर वृंदावन आ जाओ। इस पर पिता ने कहा कि उन्होंने यह सब पहले भी समझाने की कोशिश की, लेकिन बेटे का मन अब भी वृंदावन में भक्ति में लगा है। पिता ने अंत में भावुक स्वर में कहा, हम बस हमारा बेटा चाहते हैं हम चाहते हैं कि वह घर आकर भी सेवा करे।
इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। कई यूज़र्स ने माता-पिता के दर्द को साझा करते हुए अपने विचार व्यक्त किए हैं जबकि कुछ ने युवा भक्तों के जीवन और उनके भक्ति मार्ग पर भी चर्चा की। यह मामला समाज में एक संवेदनशील सवाल उठाता है भक्ति और परिवार की जिम्मेदारी में संतुलन कैसे बनाएं। वृंदावन जैसे धार्मिक केंद्र में युवा अपनी भक्ति और गुरु के मार्ग में समय बिताना चाहते हैं वहीं माता-पिता का प्रेम और उनकी देखभाल की आवश्यकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इस वायरल वीडियो ने न केवल माता-पिता और बेटे के बीच के भावनात्मक संघर्ष को सामने रखा है बल्कि समाज में धार्मिक भक्ति और पारिवारिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन पर भी बहस शुरू कर दी है।
