दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पथरिया ब्लॉक के किशनगंज गांव में मंगलवार शाम स्कूल में खेलते समय कुछ बच्चों ने अरंडी के बीज खा लिए। इसके बाद घर लौटते ही बच्चों को उल्टियां शुरू हो गईं। एक के बाद एक 30 बच्चे बीमार हो गए, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने तुरंत सभी बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
एक बच्चे की मां जानकी पटेल ने बताया कि बच्चे मूंगफली जैसी दिखने वाली बीज खाने के बाद बीमार हुए। सभी बच्चों को ऑटो और एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार जारी है। अस्पताल के चिकित्सक डॉ सुनील जैन ने बताया कि फिलहाल बच्चों की हालत स्थिर है।
कलेक्टर के निर्देश पर छह से अधिक डॉक्टरों की टीम ने बच्चों का इलाज शुरू किया। जिला अस्पताल में डॉक्टर विक्रांत चौहान, डॉक्टर सोनू शर्मा और सिविल सर्जन डॉक्टर प्रहलाद पटेल की मौजूदगी में सभी बच्चों का उपचार किया गया। इलाज के बाद बच्चों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
घटना की जानकारी लगते ही एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी और पथरिया एसडीएम निखत चौरसिया जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चों और उनके परिजनों से स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम को किशनगंज गांव भेजकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए। एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने निर्देश पर पुलिस गांव में मुनादी कर बीमार बच्चों को अस्पताल भेजने की अपील कर रही है।
एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि चंपत पिपरिया गांव में अरंडी के बीज खाने से 30 से अधिक बच्चे बीमार हुए हैं। जिनको जिला अस्पताल लाया गया है। वह अस्पताल पहुंचे हैं और परिजनों से जानकारी ली है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की एक टीम भी गांव भेजी गई है। वहीं, एसडीएम निखत चौरसिया ने बताया कि बच्चों की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। कल स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल और उसके आसपास का निरीक्षण करेगी। यदि स्कूल परिसर में अरंडी के पौधे पाए गए, तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा। साथ ही परिजनों को विषैले पौधों और उनके फलों के खतरों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
