नर्मदापुरम 2 दिसम्बर 2025 (हिन्द संतरी) प्रदेश में डॉ मोहन यादव की सरकार में प्रशासनिक तंत्र इतना बेलगाम हो गया है जिसमें चुने हुए जनप्रतिनिधि में विधायक को भी किसी कार्य कराने के लिए सरकार को लिखकर कार्यवाही कराने की बजाय शिकायत करनी पड़े तो यह विधायिका के मृत होने से बढ़कर क्या हो सकता है? नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने 2 दिसंबर को विधानसभा सदन में अपनी ही सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग से पृथक प्रश्न कर जानकारी मांगी ताकि दो अलग प्रश्नों से जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारीयों पर दबाव बन सके किन्तु ढ़ाक के तीन पात की तरह अधिकारीगण भी सदन में भेजने वाले गोलमोल जबाव से सरकार को गुमराह करने से बाज नहीं आते, यह इन प्रश्नों के उत्तरों से समझा जा सकता है|
डॉ. सीतासरन शर्मा ने पहला प्रश्न मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से किया कि क्या फर्जी अंक सूची के आधार पर खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने संबंधी वर्ष 2024 एवं 2025 में की गयी शिकायत के संबंध में कार्यालय, पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम् द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, नर्मदापुरम् से जुलाई 2025 में कतिपय विन्दुओं पर जानकारी चाही गयी थी। जानकारी दें तथा उक्त जाँच में कौन से तथ्य प्रकाश में आये? क्या जिला शिक्षा अधिकारी, नर्मदापुरम् द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम् को पत्र क्रमांक 5208, दिनांक 16.07.2025 से भी जानकारी दी गयी थी? दूसरा प्रश्न प्रश्नकर्ता विधायक जी द्वारा अपने लिखे गये पत्र पर माननीय खेल एवं युवक कल्याण मंत्री द्वारा पत्र क्र. 1218 दिनांक 10.07.2025 से संचालक, खेल एवं युवक कल्याण को जाँच हेतु लिखा गया था? क्या उक्त शिकायत के संबध में जांच की गयी। यदि हाँ, तो कब एवं किसके द्वारा तथा जांच में कौन से तथ्य प्रकाश में आये, चौकाता है |
विधानसभा सदन में किये गए प्रश्न का जबाव देने का काम सरकार को होता है उसी का निर्वहन करते हुए विधायक डॉ शर्मा के पहले प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माना कि जी हाँ, यह कहना सही है, कि फर्जी अंक सूची के आधार पर खेल प्रतियोगिता में भाग लेने संबंधी वर्ष 2024, 2025 में की गयी शिकायत के संबंध में कार्यालय पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम को जांच हेतु आदेशित किया गया था, जिनके द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, नर्मदापुरम से जुलाई 2025 में कतिपय बिन्दुओं पर जानकारी चाही थी, उक्त जांच के संबंध में जो तथ्य प्रकाश में आये हैं, उनसे संबंधित जांच में प्राप्त तथ्यों एवं तत्संबंध में की गयी कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-‘व’ अनुसार है।
वही खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने स्वीकारा कि पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन दिनांक 17.11.2025 के अनुसार खिलाड़ियों की वास्तविक जन्मतिथि, शिक्षा पोर्टल पर उपलब्ध जन्मतिथि, हॉकी फीडर सेंटर की सूची पर दर्ज जन्मतिथि एवं जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी नर्मदापुरम की सूची में दर्ज जन्मतिथि में भिन्नता होने एवं प्रमाणिक दस्तावेजों का कार्यालय में उपलब्ध नहीं होने से जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी की त्रुटि/लापरवाही पाई गई है। शिकायत प्राप्त होते ही विभाग द्वारा श्री कन्हैया गुरयानी को जुलाई 2025 में फीडर सेंटर, इटारसी के प्रशिक्षक के पद से हटा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर संचालनालय द्वारा जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी, नर्मदापुरम से स्पष्टीकरण प्राप्त कर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी, लेकिन कब तक की जायेगी इसकी समय सीमा सरकार ने नहीं बताई है, यही लोचा आने वाले समय में इसपर कार्यवाही न होने पर फिर विधानसभा में प्रश्न के रूप में सरकार और सदन का समय ख़राब करेगा, इस पर सरकार ध्यान नही देने से सेकड़ों प्रश्न सालों से आश्वासन में झूल रहे है|
