भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम के बदलाव के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। कहीं-कहीं शीतलहर जैसी स्थिति बन रही है वहीं कुछ स्थानों पर तीखी धूप का असर महसूस किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ का असर अब मध्य प्रदेश पर भी दिखने लगा है जिससे प्रदेश के तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आ सकती है। इससे ठंड में इजाफा होने की संभावना है।
शीतलहर और तीखी धूप का प्रभाव
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम में भारी बदलाव हो रहा है। कुछ स्थानों पर शीतलहर की स्थिति बन रही है जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दिन में बढ़ी हुई धूप के कारण लोग गर्मी का अनुभव कर रहे हैं जो खासकर सुबह और शाम के समय अधिक महसूस हो रही है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
हिमाचल में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ का असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। इससे प्रदेश में तापमान में गिरावट की संभावना जताई जा रही है। खासकर मध्य प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में ठंड का प्रभाव बढ़ने की संभावना है।
तापमान में गिरावट
बुधवार को प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे इंदौर, भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में अधिकतम तापमान में 1.5 से 2.6 डिग्री तक की कमी आई। इसके अलावा, भोपाल, सागर और ग्वालियर-चंबल संभाग में न्यूनतम तापमान में 1.8 से 4 डिग्री तक की गिरावट देखी गई। पचमढ़ी जो प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, वहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया। वहीं, नर्मदापुरम में दिन का तापमान 30.7 डिग्री तक पहुंच गया जो कि गर्मी की ओर इशारा करता है।
अगले कुछ दिनों का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में ठंड का असर बढ़ सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में गिरावट की संभावना बनी हुई है जिससे सर्दी का एहसास और अधिक होगा। हालांकि कुछ स्थानों पर धूप भी तीखी हो सकती है जो तापमान को अस्थायी रूप से बढ़ा सकती है। मध्य प्रदेश में मौसम की गतिविधियां तेजी से बदल रही हैं और पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बढ़ सकता है। प्रदेशवासियों को सर्दी के बढ़ते प्रभाव से बचने के लिए उचित सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है।
