मध्य प्रदेश। सहित देशभर में इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों में बड़े पैमाने पर रद्द और देरी की समस्या देखी जा रही है। इंदौर एयरपोर्ट के टर्मिनल मैनेजर के अनुसार, क्रू मेंबर की कमी के कारण इंदौर आने-जाने वाली 4-5 उड़ानें रद्द हुई हैं जबकि कई अन्य फ्लाइटें देरी से चल रही हैं।सूत्रों ने बताया कि केवल बुधवार को ही इंडिगो की देशभर से संचालित 70 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं। एयरलाइन ने भी इस बात की पुष्टि की और कहा कि हाल के दिनों में उन्हें तकनीकी समस्याओं हवाई अड्डों पर भीड़ और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं के कारण कई उड़ानों में देरी और रद्द होने का सामना करना पड़ा है।
हाल ही में लागू हुए नए FDTL फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों के दूसरे चरण के कारण यह संकट और बढ़ गया है। मंगलवार से शुरू हुई फ्लाइट कैंसिल-डिले की समस्या बुधवार को पूरे देश में और गंभीर हो गई। इस संकट का सबसे बड़ा असर मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु और गुजरात के छोटे एयरपोर्ट्स पर देखा गया।नागरिक उड्डयन मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, देश के प्रमुख छह घरेलू हवाई अड्डों पर मंगलवार को इंडिगो का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस OTP) केवल 35% रहा। यह आंकड़ा एयरलाइन की समय पर उड़ान संचालन क्षमता में गिरावट को दर्शाता है।यात्री भी इस स्थिति से प्रभावित हुए हैं। इंदौर से मुंबई के लिए बुकिंग करने वाले क्षितिज चंद्रसेन ने शिकायत की कि उनकी फ्लाइट 6E-2053 को बिना पूर्व सूचना या सहमति के 4 दिसंबर से 5 दिसंबर में बदल दिया गया। इससे उनकी आगे की अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया। इंडिगो ने इस मामले पर ट्वीट कर कहा कि यात्री अपना PNR डायरेक्ट मेसेज (DM) के जरिए साझा करें, ताकि जांच कर उचित सहायता प्रदान की जा सके।
भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से भी इंडिगो की दो सेक्टर उड़ानें रद्द हुईं। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि हैदराबाद-भोपाल-रायपुर और रायपुर-भोपाल-हैदराबाद वाले दोनों सेक्टर प्रभावित हुए। उनका कहना है कि केवल क्रू मेंबर की कमी ही नहीं, बल्कि एफडीटीएल नियम और मौसम संबंधी देरी भी इसका कारण हैं। किसी एक सेक्टर में देरी होने पर पूरी शेड्यूलिंग प्रभावित हो जाती है, जिससे कई उड़ानें रद्द हो जाती हैं।देश के कई एयरपोर्ट्स पर बुधवार सुबह से चेक-इन सिस्टम में तकनीकी दिक्कतें भी देखी गईं। बेंगलुरु एयरपोर्ट में 42 उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जबकि हैदराबाद एयरपोर्ट पर भारी भीड़ जमा हो गई। दिल्ली में चेक-इन प्रक्रिया को मैनुअल किया गया। इससे यात्रियों को लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो की उड़ानों में यह बड़ी अस्थिरता नई एफडीटीएल नियमावली, कर्मचारियों की कमी और हवाई अड्डों पर बढ़ती भीड़ के संयोजन के कारण पैदा हुई है। एयरलाइन का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस अब केवल 35% रह गया है, जो यात्रियों की असुविधा को और बढ़ाता है।यात्रियों की शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के बाद एयरलाइन ने कहा है कि वे सिस्टम सुधार और कर्मचारियों के प्रबंधन के जरिए उड़ानों की स्थिरता वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि नियमों और परिचालन की जटिलताओं के चलते तुरंत सुधार की संभावना कम है।इस बीच यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे उड़ानों की स्थिति की लगातार जांच करें और आवश्यकतानुसार बदलाव या रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर लें। एयरलाइन भी ग्राहकों को सहायक होने का आश्वासन दे रही है, लेकिन तकनीकी और परिचालन कारणों से अस्थायी असुविधा जारी रह सकती है।
