उत्तर प्रदेश। के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जमीयत-उलेमा-हिंद के प्रमुख मौलाना मदनी के जिहाद पर दिए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मौर्य ने कहा कि भारत में अब कोई जिहाद की धमकी न दे और देश में कानून का राज है। उन्होंने इस मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी द्वारा मदनी के बयान का समर्थन किए जाने को भी निशाना बनाया।
आईएएनएस से बातचीत में मौर्य ने कहा, “मदनी, सपा सांसद और समाजवादी पार्टी की सोच एक जैसी है। भारत में अब कोई जिहाद की धमकी नहीं दे सकता। देश में कांग्रेस और उसकी अगुवाई वाली सरकार नहीं है, जो तुष्टिकरण करती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित है और सभी के साथ समान व्यवहार किया जा रहा है।”
उपमुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जो लोग जिहाद की धमकी दे रहे हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि इसका जवाब देश की जनता देगी। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय समाजवादी पार्टी और मदनी के समर्थन में खड़ी होने वाली पार्टियों को जनता अपने वोटों से जवाब देगी।
केशव प्रसाद मौर्य ने घुसपैठियों को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश या भारत में घुसपैठियों के लिए कोई धर्मशाला नहीं है। घुसपैठियों का पता लगाया जाना चाहिए और उन्हें वापस उनके देशों भेजा जाना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर मौर्य ने कहा कि सपा की राजनीति अंधकारमय हो गई है। उनका कहना था कि सपा 2027 में सत्ता में लौटने का सपना देख रही थी, लेकिन अब वह 2047 तक सत्ता के करीब भी नहीं आएगी। उन्होंने एसआईआर को मतदाताओं के शुद्धिकरण का महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि जो इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें जनता जवाब देगी।
सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मौर्य ने कहा, “कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल गाली और प्रचार के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को निशाना बना रहे हैं। लेकिन पीएम मोदी हमेशा कहते हैं कि गाली का जवाब गाली से नहीं देंगे। इसका जवाब देश की जनता कमल के फूल के रूप में देगी। जहां बीजेपी की सरकार है, वहां पार्टी और मजबूत होगी और जहां नहीं है, वहां नई सरकार बनेगी।”
मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज कायम है और राज्य सरकार की प्राथमिकता सुरक्षा और विकास है। उन्होंने घुसपैठियों और जिहाद की धमकी देने वालों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों की सरकार अनुमति नहीं देगी।
इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। सपा और जमीयत-उलेमा-हिंद के नेताओं ने मौर्य के आरोपों को आलोचना के रूप में देखा है। वहीं भाजपा के नेताओं ने इसे कानून और व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास के रूप में पेश किया।
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में यह भी कहा कि चुनावी तैयारियों के मद्देनजर मतदाता सूची में सुधार और एसआईआर जैसी पहल जरूरी हैं। उनका मानना है कि जनता का विश्वास भाजपा पर है और विपक्षी दल जनता को भ्रमित करने में सफल नहीं होंगे।
समग्र रूप से, उपमुख्यमंत्री का बयान जिहाद, घुसपैठ और राजनीतिक सुरक्षा को लेकर स्पष्ट संदेश देता है। उन्होंने यह साफ किया कि कानून की निगरानी और जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि विपक्षी दल केवल बयानबाजी में व्यस्त हैं, लेकिन जनता वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देगी।
