नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और रूस के बीच के संबंधों को ‘ध्रुव तारे’ की तरह अटल और स्थिर बताया। मोदी ने कहा कि पिछले 8 दशकों में दुनिया ने कई संकट देखे, लेकिन दोनों देशों के संबंध हर कसौटी पर खरे उतरे हैं। वहीं, पुतिन ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय मुद्राओं में 96% लेनदेन होने का बड़ा दावा किया।पुतिन का आज सुबह राष्ट्रपति भवन में 21 तोपों की सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
मोदी बोले: दोस्ती ध्रुव तारे की तरह अटल
पीएम मोदी ने भारत-रूस संबंधों की ऐतिहासिक गहराई पर जोर दिया। पिछले 8 दशकों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं… लेकिन इन सबके बीच भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह हमेशा अटल और स्थिर बनी रही है।
उन्होंने कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी, सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और क्रिटिकल मिनरल्स में यह साझेदारी ‘विन-विन’ सहयोग है, जो स्वच्छ ऊर्जा और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत समर्थन देगा।पीएम मोदी ने कहा कि पिछले ढाई दशकों से पुतिन ने अपनी नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शिता से इस रिश्ते को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
पुतिन का आश्वासन: तेल सप्लाई और $100 बिलियन का लक्ष्य
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा आश्वासन दिया, साथ ही व्यापार में रिकॉर्ड वृद्धि का उल्लेख कियापुतिन ने कहा कि रूस, भारत को बिना रोक-टोक के तेल की सप्लाई जारी रखेगा। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी को “बहुत सफल” बताया, जिसमें तेल, गैस और कोयला शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले साल भारत-रूस का द्विपक्षीय व्यापार 12% बढ़ा और औसतन 64 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है। दोनों देश इस व्यापार को 100 बिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए तैयार हैं।
पुतिन ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी दी कि दोनों देश धीरे-धीरे अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार की ओर बढ़ रहे हैं, और अभी 96% लेनदेन इसी तरह हो रहा है।
एशिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर प्रोजेक्ट
पुतिन ने कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट (तमिलनाडु) पर चल रहे सहयोग को रेखांकित कियायह प्लांट भारत का नहीं, बल्कि एशिया के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसमें कुल 6 रिएक्टर बनाए जा रहे हैं, जो तैयार होने पर 6000 मेगावॉट (6 गीगावॉट) बिजली पैदा करेंगे।पुतिन ने बताया कि छह में से तीन रिएक्टर पहले ही भारत के एनर्जी नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।
प्रमुख समझौते और नए रूट
दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए और नए रणनीतिक रूट पर बात हुईपुतिन ने कहा कि नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर काम चल रहा है, जिससे रूस या बेलारूस से सामान सीधे हिंद महासागर के रास्ते तक पहुंच सकेगा। इससे व्यापार तेज, सस्ता और आसान होगा।
दोनों देशों के बीच कोऑपरेशन और माइग्रेशन, हेल्थकेयर, फूड सेफ्टी, पोलर शिप्स और मैरिटाइम कोऑपरेशन, तथा फर्टिलाइजर पर समझौते हुए।पीएम मोदी ने रूसी नागरिकों के लिए जल्द ही 30-दिन का फ्री ई-टूरिस्ट वीजा और 30-दिन का ग्रुप टूरिस्ट वीजा शुरू करने की घोषणा की।
आतंकवाद पर साझा रुख
पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में रूस के साथ खड़े रहने की बात कही, मोदी ने कहा कि चाहे पहलगाम में हुआ हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर हुआ कायरतापूर्ण हमला, इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है।उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ दुनिया की एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
