नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में बाबरी जैसी मस्जिद बनाने की घोषणा करने वाले भरतपुर से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने अब सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया है। टीएमसी से निलंबन के बाद कबीर ने न केवल अपनी नई पार्टी बनाने का इशारा किया है, बल्कि दावा किया है कि 2026 विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी फिर मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगी।
ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा दावा
गुरुवार को मीडिया से बातचीत में हुमायूं कबीर ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी का राजनीतिक सफर बदल जाएगा। उनका कहना था कि ममता बनर्जी अगले कार्यकाल में मुख्यमंत्री नहीं रहेंगी और उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री का पद मिलेगा। कबीर ने यह भी कहा कि वह शुक्रवार को टीएमसी से इस्तीफा देंगे।
नई पार्टी की तैयारी और चुनाव में 135 सीटों पर दावेदारी
टीएमसी से निलंबन के बाद कबीर ने अपनी भविष्य की रणनीति स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो 22 दिसंबर को वे अपनी नई पार्टी की घोषणा करेंगे। कबीर ने दावा किया कि उनकी नई पार्टी अगले विधानसभा चुनाव में कुल 294 सीटों में से 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने यह भी कहा कि निलंबन के बावजूद उनका विधायक पद सुरक्षित है, लेकिन शुक्रवार या सोमवार को वह विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं।
बाबरी जैसी मस्जिद’ के निर्माण पर कायम
हुमायूं कबीर ने अपने विवादित मस्जिद निर्माण के फैसले पर अडिग रहते हुए कहा कि वे 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी जैसी मस्जिद की नींव रखेंगे। उनका कहना था कि निर्माण पूरा होने में लगभग तीन साल लगेंगे और इसमें कई मुस्लिम नेता शामिल होंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन इसे रोकने की कोशिश करेगा तो एनएच-12 को जाम किया जा सकता है। कबीर ने यह भी कहा कि उनकी हत्या की आशंका हो सकती है, लेकिन वे गिरफ्तारी देने को तैयार हैं।
निलंबन को लेकर टीएमसी पर आरोप
कबीर ने टीएमसी पर उनके खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि निलंबन की सूचना उन्हें बहरामपुर में मुख्यमंत्री की एसआईआर विरोधी रैली के आयोजन स्थल पर मिली जिसे उन्होंने जानबूझकर किया गया अपमान बताया। सूत्रों का कहना है कि उनके इस कदम से ममता बनर्जी नाराज हैं और उन्होंने पार्टी के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि उनके विवादित निर्णय का समर्थन पार्टी नहीं करती।
