मुंबई। महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के घटक दलों—बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट)—के बीच चल रही अनबन की खबरों के बीच राज्य के मंत्री और पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले का बड़ा बयान सामने आया है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच कुछ खटपट जरूर है, लेकिन गठबंधन के भीतर किसी तरह की बड़ी दरार नहीं है।
लोकल स्तर पर हलचल, लेकिन “गठबंधन मजबूत”
बावनकुले ने कहा कि कुछ जगहों पर बीजेपी के कार्यकर्ता शिवसेना में और शिवसेना के कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं, लेकिन यह चिंता का विषय नहीं है।
उन्होंने कहा,
“लोकल लेवल पर थोड़ी खटपट तो होगी, तीन दल हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि शिंदे गुट या अजित दादा के कार्यकर्ता बीजेपी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।”
उन्होंने विपक्षी महाविकास अघाड़ी पर निशाना साधते हुए कहा कि महायुति में वैसी आंतरिक लड़ाई नहीं है।
“हमारे कार्यकर्ता एक-दूसरे से नहीं भिड़ रहे। एमवीए की तरह यहां आपसी टकराव की स्थिति नहीं है।”
‘शिंदे सरकार के साथ BJP हमेशा मजबूती से खड़ी रही’
बावनकुले ने कहा कि बीजेपी ने हमेशा गठबंधन धर्म निभाया है।उन्होंने याद दिलाया कि जब शिवसेना (शिंदे गुट) की सरकार थी, बीजेपी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ साथ दिया था।
उन्होंने कहा,हमारे 1 करोड़ 51 लाख कार्यकर्ता जिम्मेदारी के साथ एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के पीछे खड़े हैं।बावनकुले ने दावा किया कि शिवसेना और अजित पवार गुट दोनों के कार्यकर्ता भी सरकार के साथ पूरी मजबूती से जुड़े हुए हैं।
32,000 करोड़ के वित्तीय बोझ पर बयान
राज्य पर बढ़े वित्तीय बोझ के बारे में पूछे जाने पर बावनकुले ने बताया कि बाढ़ के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ, जिससे महाराष्ट्र पर 32,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आया।
उन्होंने कहा,थोड़ा आर्थिक संकट जरूर बना था, काम की गति भी थोड़ी धीमी हुई। लेकिन सरकार ने समय रहते स्थिति संभाल ली। बैंकों ने भी मदद की, जिसके चलते हम संकट से बाहर आ सके।
