नई दिल्ली । आजकल स्टील के बर्तन और टिफिन का उपयोग खाना स्टोर करने के लिए बहुत अधिक किया जाता है। स्टील के बर्तन टिकाऊ हल्के और साफ करने में आसान होते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ फूड आइटम्स को स्टील के बर्तन में रखना खतरनाक हो सकता है ऐसा करने से न केवल उनका स्वाद खराब हो सकता है बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी खतरे का कारण बन सकता है। कई बार खाने की चीजों और स्टील के बर्तनों के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकती है जिससे खाने का स्वाद और पोषण दोनों ही प्रभावित हो सकते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग या पेट संबंधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। आइए जानें कौनकौन सी चीजें स्टील के बर्तन में स्टोर नहीं करनी चाहिए ।
फल
फल विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं लेकिन इनकी स्टोरिंग में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होती है। स्टील के बर्तन में फल रखने से उनकी नमी बढ़ सकती है जिससे फल जल्दी सड़ सकते हैं। इसके अलावा स्टील के साथ प्रतिक्रिया होने से फल का स्वाद भी बिगड़ सकता है। स्टील के बर्तन में फल रखने से विटामिन और पोषण भी प्रभावित हो सकता है। फल को स्टोर करने के लिए सबसे अच्छे विकल्प एयरटाइट कांच के कंटेनर होते हैं जो फल को ताजे और सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। आप प्लास्टिक के कंटेनर का भी उपयोग कर सकते हैं बशर्ते वह उच्च गुणवत्ता का हो।
अचार
अचार भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा होता है और इसे लंबे समय तक स्टोर करने की जरूरत होती है। अचार में प्राकृतिक एसिड होते हैं जो स्टील के बर्तन के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं। इस प्रतिक्रिया के कारण न सिर्फ स्टील के बर्तन में जंग लग सकता है बल्कि अचार का स्वाद भी बिगड़ सकता है। कुछ मामलों में यह रासायनिक प्रतिक्रिया खाने को नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसलिए अचार को हमेशा कांच या प्लास्टिक के कंटेनर में स्टोर करना चाहिए जिससे उसकी क्वालिटी बनी रहे और सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।
दही
दही हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन इसे स्टील के बर्तन में रखना ठीक नहीं है। दही में ऐसे तत्व होते हैं जो स्टील के साथ मिलकर रासायनिक प्रतिक्रिया कर सकते हैं। इससे दही का स्वाद खराब हो सकता है और दही जल्दी खराब भी हो जाती है। इसके अलावा स्टील के बर्तन में दही को रखने से उसकी फर्मेंटेशन प्रक्रिया भी तेज हो सकती है जिससे दही खाने योग्य नहीं रह जाती। इसलिए दही को हमेशा कांच या मिट्टी के बर्तन में रखना चाहिए। मिट्टी के बर्तन न सिर्फ दही को ताजा रखते हैं बल्कि यह उसका स्वाद भी बनाए रखते हैं।
टमाटर और खट्टे फल
टमाटर और खट्टे फल जैसे नींबू अंगूर आदि में स्वाभाविक रूप से एसिड होता है। जब इन्हें स्टील के बर्तन में रखा जाता है, तो इनका एसिड स्टील के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है। इससे न सिर्फ स्टील के बर्तन में दाग पड़ सकते हैं बल्कि खाने का स्वाद भी प्रभावित हो सकता है। एसिडिक तत्वों के साथ स्टील की प्रतिक्रिया से भोजन की पोषण गुणवत्ता भी कम हो सकती है। इन्हें स्टोर करने के लिए कांच या प्लास्टिक के बर्तन सबसे बेहतर होते हैं जो इनकी ताजगी को बनाए रखते हैं।
खिचड़ी और दाल
खिचड़ी या दाल जैसे खाने की चीजें भी स्टील के बर्तन में स्टोर करने से बचनी चाहिए। इन खाद्य पदार्थों में एसिडिक और बेसिक तत्व होते हैं जो स्टील के बर्तन से रिएक्शन कर सकते हैं। इस रिएक्शन से न सिर्फ स्वाद प्रभावित हो सकता है बल्कि भोजन की पोषण सामग्री भी घट सकती है। अगर खिचड़ी या दाल को लंबे समय तक स्टोर करना हो तो इन्हें एयरटाइट कांच या प्लास्टिक के बर्तन में रखना चाहिए।
क्यों हो सकता है खतरा
स्टील के बर्तन में खाना रखने से खाद्य पदार्थों और बर्तन के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकती है, जिससे न सिर्फ स्वाद बिगड़ सकता है बल्कि इसमें पोषण का नुकसान भी हो सकता है। यह प्रतिक्रिया कई बार खतरनाक हो सकती है और पेट में परेशानी का कारण बन सकती है। खट्टे या एसिडिक पदार्थों के साथ स्टील की प्रतिक्रिया से खाने में जहरीले तत्व बन सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
आपके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि आप उन खाद्य पदार्थों को स्टील के बर्तन में स्टोर करने से बचें जिनमें एसिडिक तत्व होते हैं। कांच या प्लास्टिक के बर्तन अधिक सुरक्षित विकल्प होते हैं। इन बर्तनों में खाना स्टोर करने से न सिर्फ स्वाद और पोषण बेहतर रहेगा बल्कि आपके स्वास्थ्य पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। तो अगली बार जब आप खाना स्टोर करें तो इन बर्तनों के उपयोग से बचें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।
