पिछले कुछ हफ्तों में इंडिगो द्वारा बड़ी संख्या में फ्लाइटों के कैंसिल होने के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। कई यात्रियों का कहना है कि न उन्हें सही जानकारी दी गई और न ही समय पर रिफंड मिला। इसी बढ़ते असंतोष और शिकायतों के दबाव के बाद सरकार को एयरलाइन के खिलाफ कठोर रुख अपनाना पड़ा।
समयसीमा का पालन न करने पर होगी सख्त कार्रवाई
मंत्रालय ने अपने निर्देश में बिल्कुल स्पष्ट कहा है कि यदि इंडिगो इस तय समयसीमा का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ कड़ी जांच, दंडात्मक कार्रवाई और नियामकीय कदम तुरंत शुरू किए जाएंगे।
इसके साथ ही मंत्रालय ने यह भी आदेश दिया है कि फ्लाइट कैंसिल या प्रभावित होने की स्थिति में यात्रियों से किसी प्रकार का री-शेड्यूलिंग चार्ज नहीं लिया जाएगा। यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यात्रियों ने लगातार शिकायत की थी कि रद्द हुई फ्लाइटों के बावजूद उनसे अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा था।
24×7 हेल्पलाइन और Passenger Support & Refund Cell जरूरी
यात्रियों को राहत देने और व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से मंत्रालय ने इंडिगो को 24×7 हेल्पलाइन शुरू करने का आदेश दिया है। यह हेल्पलाइन ऐसे यात्रियों को तुरंत सहायता देती दिखनी चाहिए जिन्हें फ्लाइट रद्द होने के बाद जानकारी या मदद की जरूरत होती है।
इसके अलावा, एयरलाइन को एक विशेष Passenger Support and Refund Cell बनाने को कहा गया है। यह सेल प्रभावित यात्रियों से खुद संपर्क करेगा, न कि यात्रियों को एयरलाइन के पीछे भागना पड़े। इस सेल की जिम्मेदारियां होंगी:
रिफंड प्रोसेस करना
होटल स्टे और भोजन की व्यवस्था
वैकल्पिक उड़ानों की बुकिंग
यात्रियों की समस्याओं का समय पर समाधान
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑटो-रिफंड सिस्टम हर समय सक्रिय रहना चाहिए ताकि यात्रियों को बार-बार फॉलोअप करने की जरूरत न पड़े।
बैगेज 48 घंटे के भीतर यात्रियों के घर भेजना अनिवार्य
फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों का बैगेज विभिन्न एयरपोर्ट्स पर फंस गया है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए मंत्रालय ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिया है कि हर यात्री का सामान
48 घंटे के भीतर उनके घर या बताए गए पते पर पहुंचाया जाए।
इसके साथ कुछ अतिरिक्त नियम भी तय किए गए हैं:
हर यात्री को कॉल करके बैगेज डिलीवरी का समय कन्फर्म किया जाए
बैगेज ट्रैकिंग सिस्टम पारदर्शी और अपडेटेड रखा जाए
नुकसान, देरी या खोए हुए बैगेज पर कंपनी अपनी मुआवजा नीति का सही पालन करे
सरकार ने कहा है कि बैगेज से संबंधित शिकायतें यात्रियों की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक हैं, इसलिए इसमें बिल्कुल ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
Zero-Inconvenience Policy लागू
मंत्रालय ने मौजूदा संकट को ध्यान में रखते हुए एक सख्त Zero-Inconvenience Policy लागू की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी न झेलनी पड़े।
इस नीति के तहत विशेष श्रेणियों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें शामिल हैं:
वरिष्ठ नागरिक
दिव्यांग यात्री
छात्र
मेडिकल इमरजेंसी वाले यात्री
सरकार ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जहां भी जरूरत होगी, और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों के अधिकारों के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
इंडिगो के लिए यह स्थिति एक बड़ा चेतावनी संकेत है। जहां एक तरफ सरकार यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दे रही है, वहीं एयरलाइन के लिए यह अपने सिस्टम सुधारने का निर्णायक समय है। यदि दिए गए निर्देशों का पालन समय पर नहीं हुआ, तो एयरलाइन को भारी आर्थिक और नियामकीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। यात्रियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि इंडिगो 7 दिसंबर तक अपने सभी दायित्व पूरे करती है या नहीं।
