भोपाल /कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी CMRS से हरी झंडी मिलने के बाद भोपाल मेट्रो अब अपने पहले कमर्शियल रन से सिर्फ कुछ कदम दूर है। अनुमान है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण 13 दिसंबर को कर सकते हैं। हालांकि, पीएमओ की तरफ से तारीख अभी औपचारिक रूप से तय नहीं हुई है, इसलिए इसे संभावित तिथि माना जा रहा है। इसके बावजूद तैयारी उसी हिसाब से तेज़ कर दी गई है।
6.22 किमी प्रायोरिटी कॉरिडोर तैयार -सुभाषनगर से AIIMS तक दौड़ेगी मेट्रो भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के 6.22 किमी लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सुभाषनगर से एम्स तक मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी। इस रूट पर बने 8 स्टेशन पूरी तरह तैयार हैं। वर्तमान में लिफ्ट, एस्केलेटर और स्टेशन सुविधाओं की अंतिम टेस्टिंग के साथ-साथ स्टेशन को सजाने का काम भी जारी है। सभी व्यवस्थाएँ 10 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएँगी।
शेड्यूल और किराया अंतिम चरण में- शुरुआती दिनों में हर 30 मिनट में मेट्रो
मेट्रो कॉर्पोरेशन के अनुसार: प्रारंभिक संचालन: हर 30 मिनट में एक मेट्रो पूरी ऑरेंज लाइन AIIMS–Karond चलने पर: अंतराल घटकर 10 मिनट संभावित संचालन समय: सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक इस टाइमिंग पर एमपी नगर, सुभाषनगर और AIIMS क्षेत्र में यात्रियों की संख्या अधिक रहती है, जिससे मेट्रो को अच्छा रेस्पॉन्स मिलने की उम्मीद है। स्टेशन तैयार स्टाफ तैनात- कमर्शियल रन में 2–5 मिनट में स्टेशन से स्टेशन 6.22 किमी लंबे रूट पर कमर्शियल रन के दौरान: मेट्रो हर स्टेशन पर 2 से 5 मिनट में पहुंचेगी स्टाफ, टिकट काउंटर और अन्य यात्री सुविधाएँ पूरी तरह तैयार शहर में अब तक 9 मेट्रो ट्रेनें पहुँच चुकी हैं, कुल 27 ट्रेनें आनी हैं सभी ट्रेनों का लगातार ट्रैक पर परीक्षण जारी
चुनौती: 8 में से किसी भी स्टेशन पर पार्किंग नहीं
भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर में एक भी स्टेशन पर फिलहाल पार्किंग उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों को आसपास की निजी या सार्वजनिक पार्किंग पर निर्भर रहना होगा। यह शुरुआती चरण की सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है। CMRS से मंजूरी मिलने के बाद भोपाल मेट्रो अब उद्घाटन के अंतिम चरण में है। भले ही 13 दिसंबर की तारीख अभी आधिकारिक नहीं है, लेकिन तैयारियाँ उसी दिन को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। शहर में पहली बार मेट्रो सेवा शुरू होने को लेकर उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।
चुनौती: 8 में से किसी भी स्टेशन पर पार्किंग नहीं
भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर में एक भी स्टेशन पर फिलहाल पार्किंग उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों को आसपास की निजी या सार्वजनिक पार्किंग पर निर्भर रहना होगा। यह शुरुआती चरण की सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है। CMRS से मंजूरी मिलने के बाद भोपाल मेट्रो अब उद्घाटन के अंतिम चरण में है। भले ही 13 दिसंबर की तारीख अभी आधिकारिक नहीं है, लेकिन तैयारियाँ उसी दिन को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। शहर में पहली बार मेट्रो सेवा शुरू होने को लेकर उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।
