इंदौर । इंडिगो एयरलाइंस के संचालन में आई गंभीर समस्याएं यात्रियों के लिए सिरदर्द बन गई हैं। जबलपुर और इंदौर में उड़ानों के निरस्त होने से भारी संकट उत्पन्न हो गया है। रविवार को जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से दो फ्लाइटें कैंसिल हो गईं, जिनमें मुंबई से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट और बेंगलुरु से जबलपुर लौटने वाली फ्लाइट शामिल थीं। इससे पहले शनिवार को इंदौर के देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट पर इंडिगो की 30 फ्लाइटें कैंसिल हो गईं जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हुई
इंदौर एयरपोर्ट पर उड़ानों के निरस्त होने का सिलसिला शनिवार सुबह से शुरू हुआ और रात तक जारी रहा। एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक यह स्थिति इंडिगो की क्रू की कमी के कारण उत्पन्न हुई जिसे कंपनी ने रोस्टर सिस्टम में बदलाव के कारण उत्पन्न संकट बताया। शासन ने 1 दिसंबर से लागू किए गए नए नियमों के बाद उम्मीद जताई थी कि स्थिति सामान्य होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि फ्लाइट्स की संख्या शुक्रवार के मुकाबले कम रही फिर भी यह निरस्त उड़ानें यात्रियों के लिए असहनीय थीं।
इस कारण यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा किया। खासकर इंडिगो के स्टाफ से यात्रियों के विवाद की घटनाएं बढ़ गईं जहां एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक युवक महिला स्टाफ से गुस्से में कंप्यूटर उठाने की बात कर रहा था। ट्रेवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया के अनुसार शासन द्वारा लागू किए गए नए नियमों के बाद से इंडिगो एयरलाइंस ने 1 दिसंबर से उड़ानों को निरस्त करना शुरू किया था और अब तक 500 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हो चुकी हैं।
इंदौर एयरपोर्ट पर शनिवार को कुल 30 उड़ानें निरस्त हुईं, जिनमें प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई पुणे बेंगलुरु कोलकाता गोवा रायपुर नागपुर जयपुर अहमदाबाद और हैदराबाद की उड़ानें शामिल थीं। इनमें कई उड़ानों के अलावा 10 से ज्यादा उड़ानें 4 से 5 घंटे की देरी से चलीं और अधिकतर उड़ानों में सीटों की उपलब्धता भी मुश्किल थी। यात्रियों को भारी किराया देकर भी सीट नहीं मिल रही थी।
इंडिगो एयरलाइंस के इस संकट का असर न केवल उड़ानें कैंसिल होने के रूप में बल्कि यात्री के यात्रा अनुभव पर भी पड़ा है। सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए फरवरी तक नए नियमों को लागू करने की अवधि बढ़ा दी है लेकिन क्रू की कमी और रोस्टर सिस्टम में बदलाव के कारण स्थिति सामान्य होने में एक सप्ताह का समय लग सकता है।
इंदौर एयरपोर्ट पर ऐसा संकट पहले कभी नहीं देखा गया था, जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें निरस्त हुई हों। यात्रियों को अब रेल और सड़क मार्ग से यात्रा करने का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन वहां भी सीटों की कमी हो रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यात्रियों को कुछ और दिन असुविधा झेलनी पड़ सकती है।
