घटना रात 11 बजे से 12 बजे के बीच हुई जब अचानक एक तेज धमाका सुनाई दिया। नाइट क्लब में मौजूद लोगों के मुताबिक धमाके के बाद आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। गवाहों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि लोग घबराकर इधर-उधर दौड़ने लगे थे। एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि धमाके के बाद वहां एक जोरदार आग लग गई जो सिलेंडर में हुए विस्फोट के कारण फैली। इसके बाद क्लब में हड़कंप मच गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे।
बिर्च के एक सुरक्षा गार्ड संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि घटना के समय क्लब में एक डीजे और डांसर आने वाले थे और वहां बहुत भीड़ जुटने वाली थी। उन्होंने कहा मैं गेट पर था जब अचानक आग लग गई। क्लब में ज्यादा भीड़ होने से यह और भी ज्यादा खतरनाक हो गया गोवा पुलिस और फायर ब्रिगेड ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घटनास्थल से मृतकों और घायलों को अस्पताल में भेजा गया। गोवा के मुख्यमंत्री ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है।
स्थानीय प्रशासन ने यह भी बताया कि आग की सही वजह का पता जांच के बाद ही चलेगा लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट्स में यह बताया गया है कि यह हादसा गैस सिलेंडर में हुए विस्फोट के कारण हुआ। यह घटना गोवा में एक बड़ी दुखद घटना के रूप में उभरी है जो न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक बड़ा सदमा है। पुलिस और प्रशासन ने पूरी कोशिश की है कि मृतकों के परिवारों को सहायता मिले और किसी भी प्रकार की लापरवाही की जांच की जाए।
गोवा में एक तरह से यह हादसा टूरिज्म इंडस्ट्री को भी झटका दे सकता है क्योंकि यह क्षेत्र देश भर के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है। यह घटना एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन की अहमियत को उजागर करती है खासकर ऐसी जगहों पर जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं।
गोवा में इस घटना के बाद से सभी नाइट क्लबों और सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और अधिकारियों ने सभी क्लबों को अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। इस घटना के बाद लोग इस बात की आशंका जता रहे हैं कि कहीं नाइट क्लबों की सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा नियमों में कोई खामी तो नहीं रही जो इस भयानक हादसे का कारण बनी।
