दर्शन कर लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, जितेंद्र वर्मा अपने दोस्त के साथ शाम के समय खुड़ैल क्षेत्र स्थित एक प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए गए थे। पूजा-अर्चना के बाद रात करीब साढ़े सात बजे दोनों बाइक से वापस अपने घर की ओर निकल पड़े। जैसे ही वे एक मोड़ के पास पहुंचे, सामने से आ रही बाइक तेज रफ्तार में लहराते हुए आई और उसने सीधे उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतनी तेज गति के कारण हुआ कि दोनों बाइक सवार उछलकर कई फीट दूर जा गिरे।
गंभीर रूप से घायल हुए व्यापारी, अस्पताल में तोड़ा दम
स्थानीय लोगों ने फौरन पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि जितेंद्र वर्मा को सिर और सीने में गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। लगभग एक घंटे तक चिकित्सक उन्हें बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन ज्यादा खून बह जाने और आंतरिक चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
दूसरे दोस्त की हालत फिलहाल गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज चालू है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायल युवक को कई फ्रैक्चर और गहरी चोटें आई हैं।
परिवार में मचा कोहराम, दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
जितेंद्र वर्मा पेशे से कंस्ट्रक्शन व्यापारी थे और इंदौर में कई सालों से कारोबार कर रहे थे। उनकी अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जितेंद्र अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों और मित्रों ने बताया कि जितेंद्र मिलनसार और मददगार स्वभाव के इंसान थे। वे अक्सर धार्मिक यात्राओं पर जाते रहते थे और शनिवार को भी वे दर्शन के बाद बहुत खुश महसूस कर रहे थे।
तेज रफ्तार बनी हादसे का कारण
प्राथमिकी जांच में पुलिस ने बताया कि हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ है। सामने से आने वाली बाइक बेकाबू थी और मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद यह टक्कर हुई। पुलिस ने मौके से दोनों बाइकों को जब्त कर लिया है और दुर्घटना का कारण पता लगाने के लिए CCTV कैमरों की भी जांच की जा रही है।
मौके पर मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सामने से आने वाला बाइक सवार न तो हेलमेट पहने हुए था और न ही गति पर नियंत्रण था। इलाके के लोग लंबे समय से इस सड़क पर स्पीड कंट्रोल के लिए उपाय करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं।
स्थानीय लोगों ने उठाए प्रशासन पर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइट और साइन बोर्ड की कमी है, जिसकी वजह से शाम होते ही सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है। इसके अलावा स्पीड ब्रेकर और पुलिस पेट्रोलिंग की कमी भी दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण है। लोगों ने मांग की है कि इस क्षेत्र में जल्द से जल्द सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
