इंदौर एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित, यात्रियों की लंबी कतारें
इंदौर के देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट पर रविवार सुबह से ही अव्यवस्था का माहौल रहा। इंडिगो की 24 उड़ानें रद्द होने के कारण सैकड़ों यात्री घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे। कई यात्रियों को न तो समय पर जानकारी मिली और न ही वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की गई। इससे यात्रियों में आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने एयरलाइन स्टाफ से जवाब मांगते हुए नाराज़गी जताई।
कुछ यात्रियों ने बताया कि वे सुबह से एयरपोर्ट पर इंतजार कर रहे थे, लेकिन उड़ान रद्द होने की सूचना अंतिम समय पर दी गई। कई वरिष्ठ नागरिक, छोटे बच्चे और महिलाएं घंटों तक इधर-उधर भटकते हुए दिखे।
भोपाल में 4 फ्लाइटें रद्द, यात्रियों को देना पड़ा घंटों इंतजार
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की स्थिति भी कम अलग नहीं रही। यहां से इंडिगो की 4 उड़ानें रविवार को रद्द की गईं। राजाभोज एयरपोर्ट पर यात्रा करने आए लोगों ने शिकायत की कि एयरलाइन ने पर्याप्त व्यवस्था नहीं की और न ही स्पष्ट जानकारी दी। कई लोगों के अनुसार, ऑनलाइन दिख रही उड़ानों और एयरपोर्ट की वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर था, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही।
कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्होंने दूसरे शहरों में होने वाली महत्वपूर्ण मीटिंग और कार्यक्रमों के लिए टिकट बुक की थी, लेकिन उड़ानें कैंसिल होने से उन्हें यात्रा स्थगित करनी पड़ी।
जबलपुर और ग्वालियर में भी उड़ी यात्रियों की नींद
प्रदेश के अन्य बड़े शहरों-जबलपुर और ग्वालियर-में भी इंडिगो की उड़ानें प्रभावित रहीं। जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से इंडिगो की कुल 6 उड़ानें संचालित होती हैं, जिनमें से रविवार को 2 उड़ानें रद्द की गईं। इसी तरह ग्वालियर एयरपोर्ट पर भी 2 उड़ानें कैंसिल होने से यात्रियों को परेशानी हुई।
जबलपुर में यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें उड़ान रद्द होने की सूचना आखिरी समय पर मिली। इससे कई लोगों की ट्रेनें और अन्य कनेक्टिंग यात्रा साधन छूट गए।
फ्लाइट कैंसिल होने के पीछे क्या कारण?
आधिकारिक रूप से इंडिगो एयरलाइन ने उड़ानों के रद्द होने के पीछे ऑपरेशनल इश्यू और क्रू मैनेजमेंट को कारण बताया है। हालांकि एयरलाइन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अचानक इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें क्यों प्रभावित हुईं। तकनीकी दिक्कतों और क्रू की अनुपलब्धता की वजह से कई स्थानों पर उड़ानों को रद्द करना पड़ा।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या एयरलाइन के आंतरिक प्रबंधन और अचानक बढ़े प्रेशर का नतीजा हो सकती है। कई बार पायलटों या क्रू की कमी होने पर भी उड़ानें रद्द की जाती हैं।
यात्रियों की मांग-स्पष्ट जानकारी और वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था
लगातार उड़ानों के रद्द होने से नाराज़ यात्रियों ने मांग की कि एयरलाइन को समय पर अपडेट देना चाहिए, ताकि वे पहले से तैयारी कर सकें। कई यात्रियों का कहना था कि एयरलाइन को वैकल्पिक उड़ानों, होटल व्यवस्था या रिफंड के लिए बेहतर प्रबंधन करना चाहिए।
कुछ यात्रियों ने फ्लाइट रद्द होने की जानकारी सोशल मीडिया पर भी साझा की और एयरलाइन पर अव्यवस्था के आरोप लगाए।
एयरपोर्ट प्रबंधन का बयान
एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि रद्द उड़ानों के पीछे एयरलाइन की आंतरिक समस्याएँ हैं और एयरपोर्ट प्रबंधन यात्रियों की सहायता के लिए लगातार काम कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को समय पर जानकारी देने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होने से स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है।
