ग्वालियर । ग्वालियर जिले के तिघरा स्थित गुर्जा गांव से नौ माह की गर्भवती महिला अंजू गुर्जर का अपहरण करने के बाद से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी डकैत योगेंद्र उर्फ योगी उर्फ जोगी गुर्जर को धौलपुर में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी ग्वालियर और धौलपुर पुलिस ने मिलकर की। पुलिस सूत्रों के अनुसार डकैत योगी को पकड़े जाने की पुष्टि धौलपुर पुलिस ने की लेकिन मामले का पूरा खुलासा रविवार को किया जाएगा।
यह घटना एक महीने पहले की है जब ग्वालियर पुलिस की टीम ने 6 नवंबर को बेहट के जंगल में डकैत योगी से मुठभेड़ की थी। इस मुठभेड़ में डकैत योगी किसी तरह पुलिस के घेरे से भाग निकलने में सफल हो गया था लेकिन ग्वालियर पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी रही। उसके खिलाफ आरोप थे कि उसने आठ अक्टूबर को गुर्जा गांव में अंजू गुर्जर का अपहरण किया था और उसे अपने साथ ले गया था। साथ ही उसने गांव में जमकर गोलियां चलाईं जिससे वह ग्वालियर पुलिस के लिए एक सिरदर्द बन गया था।
पुलिस को उसकी लोकेशन मुरैना और धौलपुर के जंगलों में मिली लेकिन उससे पहले ही वह धौलपुर में पकड़ा गया। योगी गुर्जर पर धौलपुर पुलिस का भी इनाम था और वहां उसकी गिरफ्तारी को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ जानकार इसे सोची-समझी साजिश के तहत सरेंडर करने के रूप में देख रहे हैं क्योंकि योगी ग्वालियर पुलिस से घबराया हुआ था और वह सीधे ग्वालियर में नहीं आ सकता था।
पुलिस का दावा: अवैध हथियार के साथ गिरफ्तारी
धौलपुर पुलिस के मुताबिक डकैत योगी गुर्जर को अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि उसे एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया जबकि ग्वालियर पुलिस के सूत्रों का कहना है कि वह खुद को सरेंडर करने के लिए धौलपुर पहुंचा। ग्वालियर पुलिस की टीम ने मुठभेड़ के बाद से लगातार योगी गुर्जर और उसकी गैंग के अन्य अपराधियों की तलाश शुरू कर दी थी।
ग्वालियर पुलिस को यह भी जानकारी मिली थी कि योगी गुर्जर के ग्वालियर में कई मददगार सक्रिय थे जो उसे पकड़वाने के बजाय उसकी मदद कर रहे थे। ग्वालियर पुलिस की कड़ी निगरानी के कारण योगी ग्वालियर में घुसने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था और अंततः उसने खुद को धौलपुर पुलिस के हवाले कर दिया।
डकैत योगी गुर्जर का आपराधिक इतिहास
योगी गुर्जर पर कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं और वह धौलपुर मुरैना श्योपुर सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिस को वांछित अपराधी के तौर पर वांछित था। उस पर धौलपुर से 15 हजार रुपए का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ मुठभेड़ों अपहरण लूटपाट और गोलीबारी के कई मामले दर्ज हैं।
ग्वालियर पुलिस की इस मामले में विशेष भूमिका रही क्योंकि उन्होंने डकैत की गिरफ्तारी के लिए कई दिन तक लगातार छापेमारी की। ग्वालियर पुलिस की रणनीति ने उसे दबोचने में अहम भूमिका निभाई जबकि धौलपुर पुलिस ने उसे हथियारों के साथ पकड़कर उसका गिरफ्तारी अभियान समाप्त किया।
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। पुलिस ने इस पर और भी जांच शुरू कर दी है ताकि योगी गुर्जर के गैंग के बाकी अपराधियों को भी गिरफ्तार किया जा सके।
