नर्मदापुरम 8 दिसम्बर 25 (हिन्द संतरी) कृषि उप संचालक जेआर हेडाऊ फर्जी जाति प्रमाणपत्र पर नौकरी करते हुए भ्रष्टाचार की सारी सीमाए पार कर चूका था और 26 जनवरी को विभागीय उपलब्धि की झांकी का हर साल प्रथम पुरुस्कार प्राप्त कर अधिकारियों का प्रिय बन मक्खन मलाई पर हाथ साफ़ करने वाला वह अधिकारी आखिर खाद विक्रेता का लायसेंस बहाली के नाम से 1 लाख की घुंस मांगने पर 40हजार रुपए में सौदा होने पर रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथो धर दबौचा, तब वह अपने बचाव में उसके टेबल पर रकम रखकर फ़साने की बात करता रहा। उप संचालक हेडाऊ ने खाद का सस्पेंड लाइसेंस बहाल करने के नाम पर खाद बीज विक्रेता राजनारायण गुप्ता द्वारा लोकायुक्त में शिकायत करने के बाद यह कार्रवाई की गई।
शिकायतकर्ता राजनारायण गुप्ता कृषि विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और वे अपने भाई वीरेन्द्र गुप्ता की विनायक खाद बीज की दुकान सँभालते हैं। चूँकि शुक्रवार को दोपहर ढाई बजे पिपरिया से अन्य दुकान संचालक रोहित ठाकुर की भी दुकान का लायसेंस निरस्त के बाद बहाल करने के लेनदेन हेतु बुलवाने के बाद कृषि उपसंचालक हेडाऊ ऑफिस नही आये और अपना वाहन ऑफिस के पोच में खड़ा करवा दिया था तब उक्त को शाम पांच बजे बुलवाया तब रोहित पिपरिया में कृषि विभाग की अधिकारी मेम और हेडाऊ का मामला लोकायुक्त के समक्ष ले जाने हेतु एसपी लोकायुक्त का नम्बर चाह रहा था, जो उसे उपलब्ध करा दिया गया था तब वह शाम को हेडाऊ से मिलने और एक लाख रुपये की रिश्वत और ब्लैकडॉग शराब की मांग के बाद लोकायुक्त भोपाल के एसपी दुर्गेश राठौर को शिकायत की। सत्यापन के बाद, लोकायुक्त टीम ने डीएसपी बीएम द्विवेदी के नेतृत्व में सोमवार शाम 7 बजे छापेमारी कर हेडाऊ को कैमरे लगाकर किया ट्रैप कर गिरफ्तार किया। इसके पूर्व शिकायतकर्ता राजनारायण गुप्ता हेडाऊ के कमरे में पहुंचा तो हेडाऊ ने उसे बैठने को कहकर कहा बहुत लेट हो गए हो फिर पैसा लेने के लिए टेबल के नीचे की ड्राज खोल दी। जिसमें 40 हजार रुपए रखते ही पूरी घटना लोकायुक्त टीम द्वारा लगाए हुए ट्रैप रिकॉर्डर कैमरे में कैद हो गई। गुप्ता ने जैसे ही बाहर आकर कोट उतारा, लोकायुक्त टीम तत्काल उप संचालक के कमरे में पहुंची और घूस के रुपए जब्त किए।
रिश्वत लेते पकडाए जाने की कार्रवाही के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक दुर्गेश राठौर ने हेडाऊ को निजी मुचलके पर छोड़ दिया किन्तु यह घटना के बाद यह सबाल छोड़ गया की क्या कारण था की 2 नवम्बर 2021 से लगातार 3 वर्षों में अधिकारी को बदला नही गया और उसे जिले में खाद बीज,कीटनाशक दवाओं के लायसेन्स देने,निलंबित करने और बहाल करने के कितने मसले है, समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए नए केंद्र बनवाने-हटवाने के 3 लाख तक प्रति केंद्र वसूली करने, मुंग खरीदी में 5-6 करोड़ की अमानक खरीदी में हुई बी बन्द्र्वाट, सहित विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में फर्जी बिल- खरीदी आदि की भी जांच के बाद कार्रवाई की जाने से अन्य कई चौकाने वाले सत्य उजागर होगें इससे इंकार नही किया जा सकता है।
