Wion न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बातचीत के बाद खान को दूसरी जगह भेजने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
शरीफ सरकार का क्या बहाना?
जहां एक तरफ शहबाज शरीफ की सरकार इन प्रदर्शनों के बाद जवाब नहीं दे पा रही है, वहीं दूसरी तरह सरकार नए बहाने बना रही है। प्रधानमंत्री के प्रवक्ता इख्तियार वली ने कहा है कि लगातार प्रदर्शनों से जेल के आसपास रहने वाले लोगों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। सरकार की तरफ से यह भी कहा है कि सार्वजनिक प्रदर्शनों की आड़ में PTI के कुछ नेता जानबूझकर हालात बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
फिर भड़की हिंसा
इससे पहले अडियाला जेल के बाहर एक बार फिर प्रदर्शन उग्र हो गया है। बीते मंगलवार को तनाव तब और बढ़ गया जब जेल अधिकारियों ने इमरान खान की बहनों और उनकी लीगल टीम को खान से मिलने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद अलीमा खान और उजमा खान ने अन्य समर्थकों के साथ जेल के बाहर डेरा डाल दिया और जमकर नारेबाजी की।
