सुरक्षा मानकों की अनदेखी, DGCA ने कड़ी कार्रवाई की
DGCA के अधिकारियों ने बताया कि जिन चार निरीक्षकों को सस्पेंड किया गया है, वे सुरक्षा और परिचालन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार थे। जांच में यह सामने आया कि इंडिगो ने पायलट और क्रू मेंबर्स की ड्यूटी टाइम लिमिट का पालन नहीं किया, जिसके कारण उड़ान सेवाएं बाधित हुईं और यात्रियों को भारी असुविधा हुई। इसके साथ ही टूरिज्म सेक्टर को भी करोड़ों का नुकसान हुआ।
मुख्यालय से सख्त निगरानी की शुरुआत
इंडिगो में आई इस परिचालन संकट के बाद DGCA ने एयरलाइन के मुख्यालय से रियल-टाइम निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों को हर दिन विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उड़ान संचालन, रिफंड प्रक्रिया, मुआवजे की स्थिति और यात्रियों की शिकायतों का सही समय पर निवारण किया जा सके। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करना और एयरलाइन को नियमों के तहत सुरक्षित और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करना है।
सीईओ को DGCA के सामने पेश होने का आदेश
इस संकट के बीच DGCA ने इंडिगो के सीईओ, पीटर एल्बर्स को शुक्रवार को तलब किया है। इसका उद्देश्य एयरलाइन के संचालन में आई गड़बड़ियों की जड़ तक पहुंचना और जिम्मेदारी तय करना है। DGCA ने इंडिगो में उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए एक चार सदस्यीय पैनल भी गठित किया है, जो उच्च स्तर पर जांच करेगा और सुधारात्मक कदम सुझाएगा।
देशभर में तेज़ निरीक्षण, 24 घंटे में रिपोर्ट की मांग
इंडिगो के संचालन में आए संकट के बाद DGCA ने देशभर के 11 प्रमुख घरेलू हवाई अड्डों पर निरीक्षण शुरू किया है। इन अधिकारियों को अगले 2-3 दिनों में अपनी रिपोर्ट DGCA मुख्यालय में सौंपनी होगी। साथ ही, इंडिगो के कॉरपोरेट कार्यालय में भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि रद्द उड़ानों के रिफंड, समय पर उड़ान संचालन और यात्रियों को मुआवजे की प्रक्रिया को सख्ती से सुनिश्चित किया जा सके।
स्थिति अब सुधार की ओर, लेकिन DGCA की निगरानी जारी
इंडिगो की उड़ान सेवाओं में 5 दिसंबर के बाद भारी व्यवधान आया था, लेकिन अब एयरलाइन का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। हालांकि, DGCA ने एयरलाइन पर कड़ी निगरानी बनाए रखी है और सुनिश्चित किया है कि आगे से ऐसे परिचालन संकट न आएं।
