
नर्मदापुरम/14,दिसम्बर,2025(हिन्द संतरी) जिले में पिछले 15 सालों से लगातार फील्ड ऑफिसर, नोडल अधिकारी, जिला रेशम अधिकारी अब महाप्रबंधक रविन्द्र सिंह नर्मदापुरम में पदस्थ जिसके विरुद्ध वर्ष 2010-11 से 2014-15 में 1097.677 लाख के 105 गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य कराकर गंभीर आर्थिक अनियमितताओ के लिए आयुक्त रेशम सत्यानन्द जी की जांच में दोषी ठहराए जाने के बाद वर्तमान में आर्थिक अपराध अन्वेषण भोपाल में लंबित शिकायत व विधानसभा में 9 दिसम्बर 2015 को विधायक बाला बच्चन द्वारा सदन में प्रश्न किये जाने कि प्रमुख सचिव कुटीर एवं ग्रामोद्योग प्रबीर कृष्ण द्वारा रेशम संचालनालय एव वन विभाग की मिलीभगत से 250 करोड़ रूपये के गबन घोटाले की जांच सीबीआई के सम्बन्ध में तत्कालीन विधायक सुश्री कुसुम तोमर द्वारा जबाव दिया गया कि लोकायुक्त द्वारा अपराध क्रमांक 60/2015 दर्ज कर विवेचना जारी है जिसमे आर के श्रीवास्तव उप संचालक रेशम को निलंबित कर दिया गया है। इन दस वर्षों में कार्यवाही नदारत है सारे भ्रष्ट अधिकारी मौज कर रहे है जिसमें आर के श्रीवास्तव ने नर्मदापुरम रेशमा विभाग का सारा व्यवसाय अपने इर्द गिर्द कर रेशम केंद्र में खुद का आलिशान भवन बना लिया है,यही आलम रविन्द्र सिंह के है जो आज विभाग का सर्वेसर्वा है जिसे केंद्र में रखकर प्रभारी मंत्री ने एक जिला एक उत्पादन की संभावनाओं की तलाश की है।
भले ही आज प्रभारी मंत्री राकेश सिंह एक जिला एक उत्पादन के तहत जिले में पर्यटन को स्थान देते ही नर्मदापुरम जिले में रेशम की भी अपार संभावनाएं के मौजूद होने की बात करे यहाँ उन्हें इस बात का ध्यान देना होगा जिले में कितनी स्वयं सेवी संस्थाए है जो विभाग से अनुदान लेकर किन किन कामों को संचालित कर रही है, उन्हें विभाग ने क्या आवंटित किया है कितनी राशि उन्हें उपलब्ध कराई हैं, क्या इसमें 250 करोड़ रुपोये के घोटाले के अधिकारी-कर्मचारी शामिल तो नहीं है, इसकी रिपोर्ट सामने रखकर यह काम स्थानीय विधायक डॉ. सीता सरन शर्मा के सुझाव पर किया जा रहा है तो यह प्रशंसनीय है किन्तु उन्हें एक जिला एक उत्पादन के तहत पर्यटन के साथ-साथ ही रेशम की भी संभावना तलाशने के लिए गबन धोखाधड़ी के आरोपी और 15 वर्षों से जमे रविन्द्र सिंह जैसे भ्रष्टाचार के आरोपी को परे रखकर काम करना होगा।
प्रभारी मंत्री राकेश सिंह रविवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की प्रथम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। प्रभारी मंत्री ने नवगठित समिति में शामिल विभिन्न क्षेत्रों के नामांकित सभी 20 सदस्यों का परिचय लिया और जिला विकास सलाहकार समिति के उद्देश्य एवं कार्य की जानकारी देते हुए बताया कि समिति जिले की जनता जनप्रतिनिधियों एवं अन्य हित धारकों की जरूरत और सुझाव के अनुसार जिले की दीर्घकालीन विकास की योजनाएं बनाएगी।
जिला विकास सलाहकार समिति के संबंध में जानकारी देते हुए कलेक्टर ने बताया कि समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री है, समिति के उपाध्यक्ष प्रभारी मंत्री और अन्य सदस्य गण में सांसद एवं विधायक गण, नगर पालिका अध्यक्ष, समस्त जनपद पंचायत के अध्यक्ष, जिला पंचायत के अध्यक्ष सदस्य रहेंगे इसके साथ ही उद्योग, व्यापार, समाज सेवा चिकित्सा, प्रगतिशील किसान, विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले ऐसे 20 प्रतिनिधियों को समिति में सदस्य के रूप में नामांकित किया गया है। जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर माननीय प्रधानमंत्री के वोकल फार लोकल के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृद्धि का रोड मैप तैयार करेगी। इसके साथ ही जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए अपने आवश्यक सुझाव भी समय-समय पर देगी। समिति जिले में स्थानीय प्रयासों से नवाचार की योजनाओं को मूर्त रूप देगी। रोजगार सृजन के अवसर एवं विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य के संबंध में सुझाव देगी। इसके साथ ही उद्योग, व्यापार, जल संरक्षण जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात कृषि खनिज और पर्यावरण के क्षेत्र में जिले की कार्य योजना बनाने हेतु अपने उपयोगी सुझाव देगी। प्रभारी मंत्री ने सभी सदस्यों से परिचय प्राप्त किया।
बैठक में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं नर्मदापुरम विधायक डॉक्टर सीता सरन शर्मा, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, पिपरिया के विधायक ठाकुरदास नागवंशी, सिवनी मालवा के विधायक प्रेम शंकर वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा पटेल, नगर पालिका नर्मदापुरम की अध्यक्ष श्रीमती नीतू महेंद्र यादव, श्रीमती प्रीति शुक्ला, कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस थोटा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन, सहित समिति के सदस्यगण एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।
