नई दिल्ली: साल 2025 का दिसंबर महीना अब अपने अंतिम चरण में है और इसके साथ ही कई अहम फाइनैंशल डेडलाइन भी खत्म होने वाली हैं। अगर आपने अब तक नेशनल पेंशन सिस्टमNPS, इनकम टैक्स रिटर्नITR या पैन-आधार लिंकिंग से जुड़े जरूरी काम पूरे नहीं किए हैं, तो अब सतर्क हो जाना जरूरी है। टाइम्स ऑफ इंडियाTOI की रिपोर्ट के अनुसार 31 दिसंबर तक टैक्स रिटर्न भरने और पैन-आधार लिंक करने की अंतिम तारीख है, जबकि NPS निवेशकों के लिए 25 दिसंबर बेहद अहम दिन माना जा रहा है।
NPS निवेशकों के लिए अलर्ट: 25 दिसंबर अहम
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटीP FRDA ने हाल ही में NPS से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। PFRDA ने NPS की ‘स्कीम A’ को बंद कर इसे अन्य स्कीमों में मर्ज करने का निर्णय लिया है। दरअसल, स्कीम A का कॉर्पस काफी छोटा था और इसमें निवेश के विकल्प भी सीमित थे। इस स्कीम में REITs, InvITs, AIFs और स्ट्रक्चर्ड डेट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे वैकल्पिक निवेश शामिल थे।अब इस स्कीम को स्कीम Cकॉरपोरेट डेट और स्कीम Eइक्विटी में मर्ज किया जा रहा है। PFRDA का कहना है कि इससे निवेशकों को बेहतर रिटर्न और कम जोखिम का फायदा मिलेगा। हालांकि, निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे 25 दिसंबर तक अपनी पसंद के अनुसार पोर्टफोलियो में बदलाव कर लें। अगर कोई निवेशक इस तारीख तक कोई कदम नहीं उठाता है, तो उसका पैसा अपने आप दूसरी स्कीम में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
ITR अलर्ट: 31 दिसंबर आखिरी मौका
असेसमेंट ईयर 2025-26वित्त वर्ष 2024-25 के लिए देर से भरा जाने वाला या रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर है। यह तारीख सिर्फ एक डेडलाइन नहीं, बल्कि टैक्सपेयर्स के लिए आखिरी चेतावनी मानी जा रही है। अगर आपने अब तक ITR नहीं भरा है या उसमें कोई गलती रह गई है, तो इसे सुधारने का यह अंतिम अवसर है।अगर 31 दिसंबर तक रिटर्न दाखिल नहीं किया गया, तो टैक्सपेयर्स को लेट फीस और ब्याज देना पड़ सकता है। इसके अलावा, बिजनेस या शेयर बाजार में हुए नुकसान को अगले साल के मुनाफे से समायोजित करने Carry Forward की सुविधा भी खत्म हो जाएगी। इसके बाद केवल ITR-U यानी अपडेटेड रिटर्न भरने का विकल्प बचेगा, जिसमें पेनल्टी टैक्स देना होगा और पुराने घाटे का दावा नहीं किया जा सकेगा।
PAN-आधार लिंकिंग की भी डेडलाइन
31 दिसंबर को पैन-आधार लिंकिंग की एक और महत्वपूर्ण डेडलाइन खत्म हो रही है। यह डेडलाइन उन पैन कार्ड धारकों के लिए है, जिन्होंने पैन बनवाते समय आधार नंबर की जगह ‘आधार एनरोलमेंट आईडी’ का इस्तेमाल किया था। अगर तय समय तक लिंकिंग नहीं की गई, तो पैन कार्ड अमान्य हो सकता है।ऐसी स्थिति में न तो टैक्स रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा और न ही निवेश या KYC से जुड़े काम पूरे होंगे। साथ ही, इनकम पर ज्यादा TDS कट सकता है और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे वित्तीय उत्पादों के आवेदन भी खारिज हो सकते हैं।दिसंबर के अंतिम दिनों में फाइनैंशल मामलों को टालना भारी पड़ सकता है। NPS निवेश, टैक्स रिटर्न और पैन-आधार लिंकिंग से जुड़े जरूरी काम समय रहते पूरे करना ही समझदारी होगी, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
